जालौन जिले के कदौरा थाना क्षेत्र के कुसमरा गांव निवासी एक मजदूर की निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि उसे हैमर मशीन चलाने का अनुभव नहीं था और उसने पहले ही यह काम करने से मना कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उस पर मशीन चलाने का दबाव बनाया गया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, कुसमरा गांव निवासी शैलेन्द्र (35) पुत्र स्वर्गीय नाथूराम बीती 11 जुलाई की शाम कस्बे में एक मकान पर मजदूरी कर रहा था। परिजनों का कहना है कि मकान की छत तोड़ने के लिए उसे हैमर मशीन चलाने को कहा गया। शैलेन्द्र ने अनुभव न होने की बात कहते हुए मना किया था, लेकिन कथित रूप से उस पर काम करने का दबाव बनाया गया।
आरोप है कि जैसे ही शैलेन्द्र ने हैमर मशीन से छत तोड़ना शुरू किया, करीब दो मिनट बाद उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। गिरने के दौरान भारी हैमर मशीन भी उसके ऊपर आ गिरी, जिससे उसके शरीर के संवेदनशील हिस्से में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
परिजनों के मुताबिक, झांसी मेडिकल कॉलेज में भी चिकित्सकों ने उसकी हालत अत्यंत गंभीर बताते हुए जवाब दे दिया। इसके बाद परिजन उसे घर वापस लेकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
शैलेन्द्र अपने पीछे पत्नी रचना, 10 वर्षीय पुत्र शिवम और 8 वर्षीय पुत्र सत्यम को छोड़ गया है। परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत से घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस मामले में कदौरा थाना प्रभारी परमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें अभी तक घटना के संबंध में कोई सूचना या लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। वहीं ग्राम प्रधान संतोषी देवी ने बताया कि मजदूरी के दौरान हादसा हुआ था और मकान स्वामी घायल मजदूर को इलाज के लिए झांसी ले गए थे। चिकित्सकों के जवाब देने के बाद उसे वापस घर लाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। फिलहाल मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।






