जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों पर प्रशासन ने गंभीरता दिखानी शुरू कर दी है। सोमवार को उरई तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ऐर गांव में जलभराव की शिकायत मिलने पर उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह ने तत्काल मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण में गांव में जलभराव की समस्या सही पाई गई, जिसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गांव में अवैध अतिक्रमण, नालियों की समुचित सफाई न होना तथा सड़क और जल निकासी व्यवस्था में खामियों के कारण कई स्थानों पर पानी भरा हुआ है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा बना हुआ है।
मामले को गंभीर मानते हुए उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह ने एडीओ पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) एवं संबंधित लेखपाल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही एसडीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ), खंड विकास अधिकारी डकोर तथा जिला समन्वयक मनरेगा (डीसी मनरेगा) को निर्देशित किया कि ऐर गांव में लगातार एक सप्ताह तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। नालियों की सफाई, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने तथा आवश्यक निर्माण कार्य कराकर गांव को स्वच्छ और जलभराव मुक्त बनाया जाए।
उपजिलाधिकारी ने गांव में संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए संबंधित विभाग को कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और गांव में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।






