जालौन में स्वतंत्रता दिवस पर उरई के कलेक्ट्रेट सभागार में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। प्रकरण में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज की ओर से संयुक्त मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी (न्यायिक) उरई IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया। नोटिस मिलने के बाद एसडीएम न्यायिक ने अपना जवाब दाखिल करते हुए आरोपों पर सफाई दी है। साथ ही उन्होंने थाना उरई में प्रार्थना पत्र देकर कथित रूप से एडिटेड वीडियो वायरल करने वालों और इसके पीछे षड्यंत्र में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की मांग की है।
एसडीएम ने कहा- कार्यक्रम में मौजूद थे वरिष्ठ अधिकारी
एडीएम वित्त एवं राजस्व को भेजे जवाब में रिंकू सिंह राही ने कहा कि 15 अगस्त को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम जिलाधिकारी की अध्यक्षता और अपर जिलाधिकारी की मौजूदगी में हुआ था। कार्यक्रम कलेक्ट्रेट के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए था। उनके अनुसार जिलाधिकारी के निर्देश पर उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संबोधन दिया था। संबोधन के बाद जिलाधिकारी ने भी अपनी बात रखी, लेकिन उस समय उनके संबोधन की विषय-वस्तु को लेकर किसी अधिकारी ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।

एसडीएम ने यह भी कहा कि कार्यक्रम के बाद तिरंगा यात्रा के दौरान जिलाधिकारी से उनकी मुलाकात हुई, वहां भी संबोधन को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई गई। उन्होंने अपने जवाब में कहा कि यदि संबोधन में वास्तव में शहीद भगत सिंह के प्रति कोई अपमानजनक टिप्पणी की गई थी तो कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तत्काल आपत्ति दर्ज की जानी स्वाभाविक थी।
बोले- पूरे वीडियो से स्पष्ट होगी वास्तविकता
रिंकू सिंह राही ने आरोप लगाया कि उनके मूल संबोधन की वीडियो में से कुछ अंश काट-छांटकर संदर्भ से अलग करके प्रसारित किए गए। उन्होंने कहा कि चुनिंदा अंशों को वायरल किए जाने से उनकी सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार के सीसीटीवी फुटेज और कार्यक्रम की पूरी वीडियो सार्वजनिक कराने की मांग की है, ताकि संबोधन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूरे वीडियो में शहीद भगत सिंह अथवा अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के संबंध में उनके द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि होती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
भगत सिंह को बताया प्रेरणास्रोत
अपने स्पष्टीकरण में एसडीएम ने शहीद भगत सिंह को अपना प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने पूर्व में मुजफ्फरनगर में अपनी तैनाती के दौरान प्राणघातक हमले का जिक्र करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों के आदर्श और देशभक्ति उन्हें कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहे। उन्होंने कहा कि इन्हीं आदर्शों से प्रेरित होकर वह देश और मानव सेवा के लिए काम करते रहे हैं।
थाने में दी शिकायत, एफआईआर की मांग
थाना उरई में दिए गए प्रार्थना पत्र में एसडीएम न्यायिक ने आरोप लगाया कि कुछ उच्चाधिकारियों के निर्देशन में असामाजिक तत्वों द्वारा उनके खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने पूर्व में भी शासकीय कार्यों के निर्वहन में बाधा डालने, अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावित करने तथा उनकी छवि धूमिल करने के प्रयास किए जाने का आरोप लगाया।

उन्होंने पुलिस से कथित एडिटेड वीडियो वायरल करने वाले स्रोतों, सोशल मीडिया अकाउंट्स और इसमें शामिल लोगों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में मानहानि, षड्यंत्र, सूचना प्रौद्योगिकी कानून और शासकीय कार्य में बाधा से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
एसडीएम ने यह भी आरोप लगाया कि थाना उरई में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र देने का प्रयास किया गया, लेकिन थानाध्यक्ष ने उसे प्राप्त करने से इनकार कर दिया। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर भी रखा पक्ष
प्रकरण को लेकर रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कथित एडिटेड वीडियो को लेकर सवाल उठाते हुए पूरे संबोधन की रिकॉर्डिंग सामने लाने की मांग की है। अब मामले में प्रशासनिक स्तर पर दिए गए स्पष्टीकरण और पुलिस को दी गई शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर है।






