राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर गुरुवार को पूरे देश के साथ जालौन जनपद में भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। उरई स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में गांधी जयंती और शास्त्री जयंती श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में जिलाधिकारी समीर ने तिरंगा झंडा फहराया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
वही उरई सदर तहसील में उपजिलाधिकारी उत्तम कुमार तिवारी ने सदर तहसील में तिरंगा फहराया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन प्रस्तुत किया। भजन की प्रस्तुति से पूरा वातावरण देशभक्ति और गांधीवादी विचारों से ओतप्रोत हो गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महान विभूतियों के जीवन, संघर्ष, त्याग और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
उरई कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम में डीएम समीर ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर का दिन देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन भारत के दो महान सपूतों का जन्म हुआ था। महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से देश को स्वतंत्रता आंदोलन की नई दिशा दी। उनके विचारों और संघर्ष ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन प्रदान किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि महात्मा गांधी के त्याग, संघर्ष और उत्कृष्ट विचारों ने देशवासियों में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत किया। आजादी के बाद भी गांधी जी के विचार देश के सामाजिक और नैतिक जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम गांधी जी के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं तो समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव और शांति को मजबूत किया जा सकता है।
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जिलाधिकारी ने उनकी सादगी, विनम्रता, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का जीवन त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है। भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके द्वारा दिया गया ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा आज भी देश की सुरक्षा और कृषि व्यवस्था के महत्व को रेखांकित करता है।
वही उरई तहसील में उपजिलाधिकारी उत्तम कुमार तिवारी ने कहा कि देश को अंग्रेजी शासन से स्वतंत्र कराने के लिए अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना जीवन समर्पित किया। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को आंदोलन का माध्यम बनाकर देशवासियों को एकजुट किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि गांधी जी के आदर्शों को केवल स्मरण करने तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने आचरण और कार्यशैली में भी उतारें।

उन्होंने पूर्व पीएम को याद करते हुए कहा कि लाल बहादुर शास्त्री, महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों से प्रभावित थे। उनका जीवन सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश तथा शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के बताए मार्ग पर चलने तथा देशहित में पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज सहित कलेक्ट्रेट परिसर के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।






