जालौन के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठौंद में एक चिकित्सा अधिकारी से अभद्रता और इमरजेंसी रजिस्टर फाड़ने का मामला सामने आया है। आरोप है कि निजी मेडिकल स्टोर की दवाएं न लिखने पर यह घटना हुई। इस मामले में पिता-पुत्र समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना कुठौंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई, जहां प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार तिवारी रात की ड्यूटी पर थे। तहरीर के अनुसार, बगल में स्थित राधारानी मेडिकल स्टोर के संचालक पप्पू दुबे और उनके बेटे राम दुबे अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टर पर मरीजों के पर्चे पर अपनी दुकान की दवाएं लिखने का दबाव बनाया।
डॉक्टर तिवारी ने निजी मेडिकल स्टोर की दवाएं लिखने से इनकार कर दिया, जिससे पिता-पुत्र नाराज हो गए। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने अस्पताल परिसर में डॉक्टर के साथ धक्का-मुक्की की और इमरजेंसी रजिस्टर फाड़ दिया। उन्हें एक सप्ताह के भीतर स्थानांतरण कराने की धमकी भी दी गई।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार तिवारी की तहरीर पर कुठौंद थाने में पप्पू दुबे, राम दुबे और दो अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस घटना से स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों में भी नाराजगी बताई जा रही है।
कुठौंद थाना प्रभारी जगदंबा दुबे ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।







