Thursday, September 17, 2026

जमानत के बाद भी जेल में बंद महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा, कागजों के सत्यापन का इंतजार

जालौन के इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत के मामले में पिछले करीब आठ माह से जेल में बंद महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद अभी झांसी जेल से रिहाई नहीं मिल सकी है। जमानत के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उनकी रिहाई फिलहाल अटक गई है। बताया जा रहा है कि दो जमानतगीरों में से अभी केवल एक जमानतगीर के दस्तावेजों का सत्यापन मेरठ से होकर आया है, जबकि दूसरे जमानतगीर के कागजात का सत्यापन बाकी है।

ऐसे में महिला सिपाही को स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के बाद ही जेल से रिहाई मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, रिहाई की अंतिम स्थिति संबंधित न्यायालय में जमानत की औपचारिकताएं पूरी होने और सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत का मामला 5 दिसंबर 2025 की रात करीब 9.30 बजे का है। घटना के बाद इंस्पेक्टर की पत्नी मीरा राय की तहरीर पर 6 दिसम्बर को महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। 7 दिसम्बर को मीनाक्षी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। घटना के समय मीनाक्षी शर्मा जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में डायल-112 में महिला सिपाही के पद पर तैनात थीं। प्रकरण सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

करीब आठ महीने जेल में रहने के बाद मीनाक्षी शर्मा की जमानत अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। 22 जुलाई को न्यायमूर्ति समीर जैन की अदालत ने मामले के गुण-दोष यानी मेरिट के आधार पर उन्हें जमानत प्रदान कर दी थी। हाईकोर्ट से जमानत आदेश मिलने के बाद उनकी जेल से रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन जमानतगीरों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण अभी तक उन्हें जेल से बाहर आने का मौका नहीं मिल सका है।

बताया जा रहा है कि एक जमानतगीर के दस्तावेज मेरठ से सत्यापित होकर माननीय जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश के कार्यालय तक पहुंच चुके हैं, जबकि दूसरे जमानतगीर के कागजात का सत्यापन होना शेष रह गया है। सत्यापन पूरा होने के बाद न्यायालयी औपचारिकताएं पूरी कर मीनाक्षी शर्मा की रिहाई का रास्ता साफ हो सकेगा।

 

जेल से बाहर आने के बाद महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष भी पेश होना होगा। उनके निलंबन और विभागीय कार्रवाई को लेकर आगे की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर तय की जाएगी। मामले में यह भी चर्चा है कि उच्चाधिकारियों के समक्ष पेश होने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ सकती है और पुलिस सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई भी संभव है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय सक्षम विभागीय अधिकारी और संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।

इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में अदालत की कार्यवाही और विभागीय कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद दस्तावेज सत्यापन के कारण महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को जेल में ही रहना पड़ रहा है।

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