उरई-जालौन मार्ग पर सेठ एम.आर. जयपुरिया पब्लिक स्कूल की बस के अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट जाने से घायल हुए बच्चों का हालचाल लेने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह शुक्रवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती बच्चों से मुलाकात की और चिकित्सकों को उनके उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए।
गौरतलब है कि स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को लेकर जालौन जा रही सेठ एम.आर. जयपुरिया पब्लिक स्कूल की बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई थी। हादसे में करीब 20 स्कूली बच्चे घायल हो गए थे। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल बच्चों को बेहतर उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई रेफर किया गया।

मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने वार्डों का निरीक्षण किया तथा चिकित्सकों से प्रत्येक घायल बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने डॉक्टरों को निर्देशित किया कि सभी बच्चों का समुचित उपचार किया जाए और किसी भी बच्चे को इलाज संबंधी कोई असुविधा न होने पाए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएं और प्रत्येक बच्चे की लगातार निगरानी की जाए।
इस दौरान अधिकारियों ने अस्पताल में मौजूद बच्चों के परिजनों से भी बातचीत की और उन्हें हरसंभव प्रशासनिक सहायता का भरोसा दिलाया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी घायल बच्चों का बेहतर उपचार सुनिश्चित कराया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूली वाहनों की नियमित जांच अभियान चलाकर फिटनेस, सुरक्षा मानकों और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि जो वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित नहीं पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि हादसे के कारणों की जांच कराई जा रही है और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।






