जालौन जिले के नदीगांव विकासखंड के ग्राम कैलिया में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिव्यांग लाभार्थियों से रूप से रिश्वत लेकर आवास स्वीकृत किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
वायरल वीडियो में कैलिया गांव निवासी एवं दृष्टिबाधित दिव्यांग लाभार्थी लखन पुत्र भूरे यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनोद कुमार ने आवास स्वीकृत कराने के नाम पर उससे 8 से 10 हजार रुपए लिए थे। लाभार्थी का आरोप है कि पैसे देने के बाद ही उसके नाम आवास स्वीकृत किया गया। वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में दिव्यांग कोटे के आवासों के आवंटन में भी धन उगाही की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गरीब और दिव्यांग पात्र लाभार्थियों के अधिकारों के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा। हालांकि, आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। वहीं, वायरल वीडियो के बाद ग्रामीणों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई है।






