जालौन में उरई-जालौन मार्ग पर शुक्रवार दोपहर को सेठ एम.आर. जयपुरिया पब्लिक स्कूल रगोली इंडस्ट्रियल एरिया कालपी रोड उरई की बस चालक की लापरवाही से अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में पलट गई थी। इस हादसे में 20 स्कूली बच्चे घायल हो गए थे। हादसे के बाद बस की जांच की गई तो एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है।
प्रारंभिक जांच के दौरान पता चला कि जिस बस से स्कूली बच्चों का परिवहन किया जा रहा था, उसका प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वैध नहीं था और 4 जुलाई 2026 को PUC समाप्त हो गया था। इस खुलासे के बाद स्कूल प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बता दे कि बस के अनियंत्रित होकर पलट जाने से करीब 20 स्कूली बच्चे घायल हो गए थे। हादसे के बाद प्रशासन और परिवहन विभाग ने वाहन के दस्तावेजों की जांच शुरू की, जिसमें प्रदूषण प्रमाणपत्र वैध न होने की बात सामने आई। ऐसे में बच्चों को बिना पूर्ण वैध दस्तावेज वाले वाहन से स्कूल लाने-ले जाने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मामले में यह भी चर्चा है कि दुर्घटना के बाद स्कूल प्रबंधन स्थिति को संभालने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गया। वहीं, इस घटना ने परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं कि बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाला वाहन लंबे समय तक कैसे संचालित होता रहा।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों के बिना किसी भी विद्यालयी वाहन का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा।






