Friday, June 26, 2026
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आटा में विकसित होगा प्रकृति, आस्था और आजीविका का नया केंद्र, तालाबों के कायाकल्प की बनी कार्ययोजना

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जालौन में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। ग्राम पंचायत आटा स्थित शिव शक्ति मंदिर परिसर के निकट तालाब और आसपास के क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक तथा पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान विकास कार्यों की रूपरेखा तय की गई।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शिव शक्ति मंदिर के समीप स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण, आकर्षक पाथवे के निर्माण, बैठने की समुचित व्यवस्था और हरित विकास के निर्देश दिए। साथ ही, अन्य जनोपयोगी सुविधाओं को विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

इसके अतिरिक्त, मंदिर के पीछे जिला पंचायत की लगभग चार एकड़ भूमि पर एक नया तालाब खोदा जाएगा। इसके चारों ओर पाथवे विकसित किया जाएगा और बड़े पैमाने पर छायादार एवं पर्यावरण हितैषी वृक्षों का रोपण कर पूरे क्षेत्र को हरित तथा प्राकृतिक परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) के अधिशासी अभियंता को प्रस्तावित परियोजना का विस्तृत प्राक्कलन शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से प्रारंभ किया जा सकेगा।

पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना केवल तालाब निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी। इसे जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और ग्रामीण पर्यटन के एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि विकसित किए जाने वाले तालाब का उपयोग मत्स्य विभाग की योजनाओं के अंतर्गत वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन के लिए भी किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही, जल संचयन क्षमता बढ़ने से भूजल स्तर में सुधार होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद आटा क्षेत्र में धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इससे शिव शक्ति मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और क्षेत्र की पहचान एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित होगी।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, तकनीकी टीम तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

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