जालौन जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और यातायात नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग, पुलिस विभाग तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रॉन्ग साइड वाहन चलाने, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, बिना सीट बेल्ट चारपहिया वाहन संचालित करने तथा तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल चालान करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने सभी अवैध कट तत्काल चिन्हित कर बंद कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दोबारा अवैध कट खोलता है तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध कट सड़क हादसों का बड़ा कारण बनते हैं, इसलिए इनके प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाए।
डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट, अधिशासी अधिकारियों, लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त अभियान चलाकर सड़कों के किनारे बालू, ईंट, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री रखकर किए गए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के साथ ही सामग्री जब्त कर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाए। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों पर खराब या लंबे समय से खड़े वाहनों को तत्काल हटवाने के निर्देश दिए, जिससे यातायात सुचारु बना रहे और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।
जिलाधिकारी ने नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों एवं सड़कों के किनारे लगे अवैध होर्डिंग, बैनर और अन्य विज्ञापन सामग्री हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध होर्डिंग यातायात व्यवस्था बाधित करने के साथ दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं। संबंधित व्यक्तियों से नियमानुसार जुर्माना भी वसूला जाए।
बैठक में नगर पालिका परिषद के सभी 34 वार्डों के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित करते हुए मार्ग प्रकाश व्यवस्था, नाला सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक विभाग को अपने दायित्वों का गंभीरता और जवाबदेही के साथ निर्वहन करना होगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, अनुशासित और सुचारु यातायात व्यवस्था स्थापित करना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद, क्षेत्राधिकारी राजीव शर्मा, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, अमित सक्सेना, महेन्द्र सिंह, ए.आर.टी.ओ प्रवर्तन राजेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






