जालौन की नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर बुधवार को उस समय हाईवोल्टेज स्थिति बन गई, जब जांच समिति से हटाए जा चुके आईएएस अधिकारी एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (न्यायिक) उरई रिंकू सिंह राही नगर पालिका कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने जांच से जुड़े अभिलेखों का निरीक्षण शुरू कर दिया। इस दौरान नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) राम अचल कुरील ने संशोधित आदेश का हवाला देते हुए आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों अधिकारियों के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
आरोप है कि रिंकू सिंह राही अपने साथ कुछ निजी लोगों को भी लेकर पहुंचे थे। बताया गया कि वे लोग भी जांच से संबंधित अभिलेख देख रहे थे और उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इस पर नगर पालिका प्रशासन ने आपत्ति दर्ज कराई। देखते ही देखते पालिका परिसर में कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
क्या है पूरा मामला?
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील ने रिंकू सिंह राही को बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार वह अब जांच समिति के सदस्य नहीं हैं। उनकी जगह वर्तमान उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी को समिति का पदेन सदस्य नामित किया जा चुका है। इसलिए बिना सक्षम आदेश के जांच संबंधी कार्रवाई नहीं की जा सकती। इसके बाद दोनों अधिकारियों के बीच लंबी बहस शुरू हो गई।
वीडियो में दोनों अधिकारियों के बीच हुई बातचीत
आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही:
“आदेश दिखाइए। आखिर किस आदेश में लिखा है कि मुझे अभिलेख नहीं दिखाए जाएंगे? कहां लिखा है कि मुझे अभिलेख नहीं देखने दिए जाएंगे? आप वह आदेश दिखा दीजिए, मैं तुरंत चला जाऊंगा। कृपया मुझे अभिलेख दिखा दीजिए।”
ईओ राम अचल कुरील:
“सर, आप इतने बड़े अधिकारी हैं। मैं आपसे किसी प्रकार की बहस नहीं करना चाहता। आपको जो भी लेना हो, ले लीजिए।”
रिंकू सिंह राही:
“आप लिखकर दे दीजिए कि मुझे अभिलेख नहीं दिखाए जाएंगे। यदि कहीं भी ऐसा आदेश लिखा हुआ है कि मुझे अभिलेख नहीं देखने हैं, तो मैं बिना किसी आपत्ति के यहां से चला जाऊंगा। आज ही मैंने इस संबंध में पत्र भी लिखा है।”
ईओ राम अचल कुरील:
“नहीं सर, आप बहुत बड़े अधिकारी हैं। मैं आपसे बहस नहीं करना चाहता।”
इसके बाद बातचीत और तीखी हो गई।
रिंकू सिंह राही:
“आप सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसलिए मुझे इसकी रिपोर्ट लिखनी पड़ेगी। आप मुझे सेटिंग करने के लिए आए थे, लेकिन मुझे किसी तरह की सेटिंग पसंद नहीं है। आप चाहते थे कि मैं आपके साथ एडजस्ट करूं, लेकिन मुझे ऐसी चीजें स्वीकार नहीं हैं।”
ईओ राम अचल कुरील:
“नहीं साहब, हमने आपके लिए रिकॉर्ड उपलब्ध कराया था। आप यहीं बैठकर जांच कर सकते हैं। सभी अभिलेख यहीं देखकर जांच की जा सकती है। हम 22 से 26 तारीख तक के इतने सारे अभिलेख बाहर कैसे ले जाएँ? अगर फाइलें गायब हो गईं, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”
रिंकू सिंह राही:
“इसीलिए तो मैं यहां खुद आ गया हूं।”
ईओ राम अचल कुरील:
“सर, आप बैठ जाइए। आप स्वयं भी किसी से पूछ सकते हैं।”
रिंकू सिंह राही:
“मैं डीएम साहब को पत्र जारी कर चुका हूं। मैं यहां से नहीं जाऊंगा, यह मैं स्पष्ट कर रहा हूं।”
इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने दोनों अधिकारियों से कहा—
“सर, दो मिनट बैठकर बात कर लीजिए… बैठ जाइए… बैठ जाइए…”
कुछ देर तक चली बहस के बाद अधिशासी अधिकारी ने रिंकू सिंह राही से उच्चाधिकारियों के आदेश का पालन करने और संशोधित जांच समिति के निर्णय का सम्मान करने का अनुरोध किया। दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों पर कायम रहे। बाद में वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच मामला शांत हुआ और रिंकू सिंह राही वहां से चले गए।
जांच समिति में पहले ही हो चुका है बदलाव
गौरतलब है कि 17 जुलाई 2026 को अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद द्वारा जारी आदेश के माध्यम से नगर पालिका परिषद उरई में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति का पुनर्गठन किया गया था। यह आदेश जिलाधिकारी जालौन की स्वीकृति के बाद जारी हुआ था।
डीएम कार्यालय के आदेश के अनुसार, 18 जून 2026 को गठित जांच समिति में रिंकू सिंह राही सदस्य थे, लेकिन उनके पद परिवर्तन के बाद उनकी जगह वर्तमान उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी को समिति का पदेन सदस्य नामित किया गया। समिति के अन्य सदस्य पूर्ववत कार्यरत हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
नगर पालिका परिषद उरई में अनियमितताओं की जांच पहले से ही जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में जांच समिति से हटाए जाने के बाद भी रिंकू सिंह राही का नगर पालिका पहुंचना और अधिशासी अधिकारी के साथ हुई तीखी बहस ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।




