जालौन की कोंच नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य के दौरान निकली पुरानी ईंटों को लेकर विवाद उस समय और गहरा गया, जब इस प्रकरण से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में स्थानीय निवासी महेंद्र झा उर्फ पप्पू यह कहते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता के कहने पर ईंटों को अपने कब्जे में लिया था। हालांकि, नगर पालिका ने इस दावे पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूचना मिलते ही अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव पालिका टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं तथा ईंटों को कब्जे से मुक्त कराकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका कार्यालय के सामने मुख्य सड़क पर इन दिनों नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। खुदाई के दौरान वर्षों पहले निर्मित पुरानी नाली की ईंटें निकल रही थीं। इसी बीच स्थानीय निवासी महेंद्र झा उर्फ पप्पू ने इन ईंटों पर अपना स्वामित्व जताते हुए उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। इसे लेकर मौके पर विवाद की स्थिति बन गई और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
स्थिति बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर कोंच कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस और नगर पालिका अधिकारियों की मौजूदगी में ईंटों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरवाकर नगर पालिका के सुरक्षित परिसर में रखवा दिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव ने बताया कि जिस स्थान पर वर्तमान में नाला निर्माण कराया जा रहा है, वहां पूर्व में भी नगर पालिका द्वारा नाली का निर्माण कराया गया था। खुदाई के दौरान निकल रही ईंटें नगर पालिका की सरकारी संपत्ति हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इन ईंटों पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, जबकि महेंद्र झा ने इन्हें अपनी निजी संपत्ति बताया है।
उन्होंने बताया कि महेंद्र झा से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है कि यदि ईंटें उनकी हैं तो उनका निर्माण कब और किस आधार पर कराया गया था। फिलहाल ईंटों को नगर पालिका ने अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रख लिया है तथा पूरे मामले की जांच की जा रही है।
इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में महेंद्र झा यह दावा करते दिखाई दे रहे हैं कि उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता के कहने पर ईंटें अपने कब्जे में ली थीं। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






