जालौन के सिरसाकलार थाना क्षेत्र में पुलिस पर हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है। एनसीआर के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर आरोपियों और उनके परिजनों ने हमला कर दिया। इस दौरान एक कोबरा सिपाही को घर के अंदर बंधक बनाकर करीब 20 मिनट तक लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से बेरहमी से पीटा गया। वहीं, दूसरा सिपाही किसी तरह छत से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहा और थाने पहुंचकर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायल सिपाही को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया। पुलिस ने इस मामले में तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, कोबरा सिपाही सौरभ पटेल अपने एक साथी के साथ एनसीआर के मामले में वांछित मजीद पुत्र सफी उल्ला को हिरासत में लेने उसके घर पहुंचे थे। जैसे ही दोनों पुलिसकर्मी घर के भीतर पहुंचे, वहां मौजूद महिलाओं ने दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद घर के अंदर मौजूद मजीद और उसके दो भाई रफीक तथा सफीक ने कथित तौर पर सिपाही सौरभ पटेल पर लाठी-डंडों और पटकोड़ा से हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने सौरभ पटेल को करीब 20 मिनट तक बंधक बनाए रखा और लगातार मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस बीच उनके साथ मौजूद दूसरा सिपाही किसी तरह घर की छत से कूदकर बाहर निकला और सीधे थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही सिरसाकलार थाना पुलिस और अन्य पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घर को घेरकर बंधक बनाए गए सिपाही को सुरक्षित बाहर निकाला और घायल अवस्था में उपचार के लिए भेजा। पुलिस ने मौके से मजीद, रफीक और सफीक तीनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
घायल सिपाही सौरभ पटेल ने बताया कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो आरोपित उनकी हत्या भी कर सकते थे। घटना में उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस कर्मियों पर हमला करने, बंधक बनाने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिनदहाड़े पुलिस टीम पर हुए इस हमले ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि आरोपियों ने इतनी बड़ी वारदात को किस परिस्थिति में अंजाम दिया।






