जालौन में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आईएएस रिंकू सिंह राही और भाजपा ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन के बीच चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। उपजिलाधिकारी कार्यालय से जारी एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण संबंधी रिपोर्ट का विवरण है। इससे पहले सोमवार को ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने पत्रकार वार्ता कर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पर अभद्रता, धक्का-मुक्की और थप्पड़ मारने का प्रयास करने का आरोप लगाया था।
वायरल पत्र के अनुसार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने 23 जून 2026 को मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, नलकूप विभाग और उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ तहसील क्षेत्र में संचालित कोल्ड स्टोरेजों का संयुक्त निरीक्षण किया था। यह निरीक्षण जिलाधिकारी के 6 जून 2026 के आदेश के अनुपालन में किया गया था।
बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोरेज, ग्राम भिटारा के निरीक्षण में फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच की गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि हाईड्रेंट लाइन निर्धारित समय तक पानी की आपूर्ति नहीं कर सकी, जिससे प्रथम दृष्टया फायर पंप के संचालन में कमी पाई गई।

निरीक्षण टीम ने कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन से संचालन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा, लेकिन आवश्यक अभिलेख तत्काल प्रस्तुत नहीं किए गए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि निरीक्षण के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके चलते निरीक्षण स्थगित कर भविष्य में वीडियोग्राफी के साथ दोबारा निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया। कोल्ड स्टोरेज को व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 15 दिन का समय दिया गया था।

इसी पत्र में मिथला कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण का भी विवरण दर्ज है। रिपोर्ट के अनुसार, वहां भंडारण मानकों का उल्लंघन, फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी, ड्राई बल्ब थर्मामीटर का अभाव, बी-सेट उपलब्ध न होने, अमोनिया प्लांट से संबंधित परीक्षण अभिलेख प्रस्तुत न किए जाने और निर्माण संबंधी स्वीकृत नक्शा व संरचनात्मक प्रमाण-पत्र उपलब्ध न कराए जाने जैसी कई कमियां पाई गईं। निरीक्षण टीम ने इन सभी बिंदुओं को अपनी आख्या में शामिल किया है।
दूसरी ओर, ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, थप्पड़ मारने का प्रयास किया गया तथा धक्का-मुक्की हुई। उन्होंने दावा किया है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है और इसकी फुटेज उन्होंने जिलाधिकारी को सौंप दी है। उनके अनुसार यह मामला केवल निरीक्षण का नहीं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि के सम्मान से जुड़ा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने ब्लॉक प्रमुख की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी राजीव राज और अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी को जांच सौंपी है। प्रशासन का कहना है कि दोनों अधिकारियों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब यह विवाद प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर ब्लॉक प्रमुख अपने साथ अभद्रता और मारपीट के आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर निरीक्षण से जुड़ी आधिकारिक रिपोर्ट में कोल्ड स्टोरेज में विभिन्न खामियों का उल्लेख किया गया है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।






