जालौन जनपद के कोंच कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले एक युवक ने अपने पैतृक मकान पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि उसके पिता की हत्या के बाद परिवार असहाय हो गया था, जिसका फायदा उठाकर उसके चाचा ने पैतृक मकान पर कब्जा कर लिया। अब बालिग होने के बाद जब वह अपने भाई-बहनों के साथ पैतृक घर में रहने पहुंचा तो उन्हें वहां रहने नहीं दिया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित साहिल खां ने पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके पिता जमाल अहमद की 22 मार्च 2008 को हत्या कर दी गई थी। उस समय वह, उनका छोटा भाई और बहन नाबालिग थे। परिवार की देखभाल करने वाला कोई नहीं होने के कारण उनकी मां बच्चों को लेकर बिठूर स्थित नानी के घर चली गई थीं। इसी दौरान कोंच के आजाद नगर स्थित पैतृक मकान संख्या-218 में उनके चाचा बिलाल रहने लगे।
साहिल का कहना है कि उक्त मकान आज भी राजस्व अभिलेखों में उनके और उनके भाई के नाम दर्ज है। अब सभी भाई-बहन बालिग हो चुके हैं और अपने पैतृक मकान में रहने के लिए लौटे तो उनके चाचा ने मकान खाली करने से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और मकान में प्रवेश करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि उनके चाचा मकान पर कब्जा बनाए रखने की नीयत से उन्हें वहां रहने नहीं दे रहे हैं।
साहिल ने यह भी बताया कि उन्होंने 16 जून 2026 को कोंच कोतवाली में भी लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई न होने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पैतृक मकान का कब्जा दिलाने तथा आरोपित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिया है।






