Thursday, July 9, 2026
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डीएम की समीक्षा में नगर पालिका कोंच की व्यवस्थाओं की खुली पोल बंद मिले शौचालय, रिकॉर्ड में अनियमितताएं, स्ट्रीट लाइट व कर वसूली पर जताई नाराजगी

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जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गुरुवार दोपहर 2.30 बजे कोंच नगर पालिका पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह और उप जिलाधिकारी हेमंत पटेल के साथ नगर पालिका परिषद के कक्ष में विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव, सभासदों और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में नगर पालिका की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, कर वसूली, एमआरएफ सेंटर, शौचालय संचालन और अभिलेखों के रखरखाव में कई खामियां सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान कूड़ा प्रबंधन और गौशाला से संबंधित रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। वहीं स्ट्रीट लाइट के स्टॉक रजिस्टर में एलईडी लाइटों की खरीद, वितरण, खराब होने और वापस आने का कोई स्पष्ट विवरण नहीं मिला। इस पर जिलाधिकारी ने व्यवस्थित स्टॉक रजिस्टर तैयार करने और नगर की सभी स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण में पिंक टॉयलेट और सामुदायिक शौचालय बंद पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सुबह, दोपहर और शाम नियमित कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर शौचालयों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के दौरान नगर के नौ ट्यूबवेलों की स्थिति पर चर्चा हुई। गलत आंकड़े प्रस्तुत किए जाने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फटकार लगाई और स्पष्ट कहा कि गलत सूचना देने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यदि जल संस्थान के संबंधित अधिकारी द्वारा गलत रिपोर्ट दी गई है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कर वसूली और विज्ञापन शुल्क की समीक्षा में भी प्रगति संतोषजनक नहीं मिली। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए गए हैं। कम वसूली पर अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया तथा नगर पालिका की आय बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में एमआरएफ सेंटर के संचालन, कूड़ा निस्तारण और संसाधनों के उपयोग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कूड़े का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा एमआरएफ सेंटर की क्षमता के अनुरूप कार्य हो। बरसात के मौसम को देखते हुए नालों की सफाई, जल निकासी और सफाई व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि यह पूर्व निर्धारित निरीक्षण था, जिसमें बरसात के मौसम की तैयारियों पर विशेष फोकस किया गया। उन्होंने कहा कि नालों की सफाई, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण और एमआरएफ सेंटर के संचालन की विस्तृत समीक्षा की गई है। जहां कमियां मिली हैं, उन्हें समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि नगर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा तथा सामुदायिक शौचालय और पिंक टॉयलेट का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए बोर्ड की बैठक बुलाकर जनहित से जुड़े प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृत कराने और लंबित टेंडरों में गति लाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने नगर की सीवर समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि इसके स्थायी समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया है। डीपीआर तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था कर जल निकासी की समस्या दूर करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बरसात के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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