Saturday, July 25, 2026
spot_img

नीट पेपर लीक की उच्चस्तरीय जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग, मानवाधिकार एसोसिएशन व राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

spot_img

भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन और राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (आरएएम) के पदाधिकारियों ने गुरुवार को राष्ट्रपति के नाम एक संयुक्त ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से सौंपकर नीट (NEET) सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग उठाई। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के जिला प्रमुख सत्येंद्र गुप्ता, जिला प्रभारी संजीव दीक्षित, हार्दिक पालीवाल, नेहा निरंजन, सलिल तिवारी तथा राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के जिला अध्यक्ष ऋतिक दुबे सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

ज्ञापन में कहा गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का शिक्षा व्यवस्था और सरकारी संस्थाओं पर भरोसा कमजोर हो रहा है। संगठनों ने कहा कि किसान अपनी जमीन बेचकर, मजदूर दिन-रात मेहनत कर और कई परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के सपनों पर सीधा आघात हैं।

भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस बल प्रयोग और लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। वहीं राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वह उक्त प्रदर्शन का पक्षकार नहीं है, लेकिन यदि किसी भी निर्दोष छात्र-छात्रा के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

संगठनों ने मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए। साथ ही पेपर लीक रोकने के लिए सख्त राष्ट्रीय कानून बनाया जाए, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की जवाबदेही तय कर उसकी कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार किया जाए तथा सुरक्षित एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।

ज्ञापन में प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए बिना अतिरिक्त शुल्क के पुनर्परीक्षा कराने, आवेदन शुल्क वापस करने, परीक्षा में हुई देरी और मानसिक उत्पीड़न के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, घायल छात्रों का निःशुल्क उपचार कराने तथा प्रतियोगी छात्रों के लिए जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य एवं काउंसलिंग केंद्र स्थापित करने की भी मांग की गई।

राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने पेपर लीक मामलों में नैतिक जिम्मेदारी तय करने, परीक्षा माफिया और दोषियों की संपत्तियां जब्त करने, विशेष न्यायालयों में त्वरित सुनवाई कराने तथा प्रभावित परिवारों को उचित सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई।

संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि देश का युवा केवल निष्पक्ष अवसर और अपनी मेहनत का सम्मान चाहता है। यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं लाई गई और पेपर माफिया पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं का भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित होगा। उन्होंने राष्ट्रपति से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार सुनिश्चित करने की मांग की।

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
error: Content is protected !!