जालौन जनपद की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के लगभग चार वर्ष पुराने मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मामले की पैरवी करने वाले अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (पॉक्सो) बृजराज राजपूत एवं विश्वजीत गुर्जर ने संयुक्त रूप से बताया कि कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरी गहरवार निवासी अजय उर्फ पिंटू पुत्र ब्रजेश कुमार ने 4 अक्टूबर 2021 को 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। घटना के बाद किशोरी के पिता ने कुठौंद थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने किशोरी की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए और करीब तीन माह बाद 18 दिसंबर 2021 को उसे मथुरा से आरोपी के कब्जे से बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 8 जनवरी 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। इसके उपरांत 11 मई 2022 को आरोपी के विरुद्ध आरोप तय किए गए और मामले की नियमित सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों के बयान दर्ज कराए गए तथा अन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों तथा उपलब्ध प्रमाणों का परीक्षण करने के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) राजीव सिंह ने आरोपी अजय उर्फ पिंटू को दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत के इस फैसले से नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों को कड़ा संदेश मिला है कि ऐसे मामलों में कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।




