जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय महिला मीना देवी की हत्या के सनसनीखेज मामले का जालौन पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, बांस का डंडा तथा वारदात के समय पहने गए कपड़े भी बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि हत्या की वारदात वर्षों पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद के चलते सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई को रामपुरा थाना क्षेत्र के रहने वाले देवेन्द्र सिंह ने अपनी मां मीना देवी की हत्या किए जाने की तहरीर थाने में दी थी कि उसकी मां की 1/2 जुलाई की रात्रि को हत्या की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने लला उर्फ सहदेव समेत दो लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी एवं क्षेत्राधिकारी माधौगढ़ के नेतृत्व में दो विशेष टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल के साक्ष्यों, स्थानीय लोगों से पूछताछ और अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
शनिवार को रामपुरा पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान ग्राम जायघा के रहने वाले लला उर्फ सहदेव और रन सिंह उर्फ बसन्तू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हत्या की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
आरोपी रन सिंह उर्फ बसन्तू ने पुलिस को बताया कि लगभग 15 वर्ष पहले उसके पिता जन्ट सिंह और मृतका मीना देवी के बीच विवाद हुआ था। उस दौरान मीना देवी ने उसके पिता की चप्पलों से पिटाई कर दी थी। इस घटना को वह अपने परिवार का अपमान मानता था और तभी से बदला लेने की योजना बना रहा था।
वहीं दूसरे आरोपी लला उर्फ सहदेव ने बताया कि उसकी पुत्री और मृतका की पुत्री के ससुराल पक्ष के बीच पारिवारिक संबंध थे। मृतका की पुत्री के ससुरालीजनों से एक पुराने वैवाहिक विवाद को लेकर मुकदमा चल रहा था, जिसके कारण दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था। इसी रंजिश ने दोनों आरोपियों को हत्या की साजिश रचने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 1 और 2 जुलाई की मध्यरात्रि में उन्होंने घर में सो रही मीना देवी पर हमला किया। लला उर्फ सहदेव ने बांस के डंडे से, जबकि रन सिंह उर्फ बसन्तू ने कुल्हाड़ी के मूंदे हिस्से से महिला के सिर पर कई वार किए। गंभीर चोट लगने से मीना देवी की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, बांस का डंडा और अपने पहने हुए कपड़े नदी किनारे झाड़ियों में फेंककर नहाने के बाद अपने-अपने घर लौट गए, ताकि किसी को उन पर शक न हो।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, बांस का डंडा तथा घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर घटना का सफल अनावरण कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि मामले में वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ न्यायालय में मजबूत पैरवी की जाएगी।






