जालौन के शहर के एक होटल में युवक को हनी ट्रैप में फंसाकर 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक महिला और खुद को पत्रकार बताने वाले युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपियों के कब्जे से कथित रूप से फर्जी प्रेस संबंधी दस्तावेज, प्रेस पहचान पत्र और माइक आईडी बरामद हुई है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है तथा बरामद दस्तावेजों की भी सत्यता की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के अनुसार फतेहपुर जनपद के नासिरपुर निवासी राजेश कुमार सिंह (राजेश पाल) ने शिकायत दर्ज कराई कि वह 18 जुलाई को काम के सिलसिले में उरई आए थे। 19/20 जुलाई को उनके मोबाइल पर हमीरपुर जनपद के कुरारा थाना क्षेत्र के मवई गांव निवासी कौशल्या का फोन आया। महिला ने उन्हें उरई स्थित होटल जायसवाल टावर बुलाया और जरूरी बात करने की बात कही।
शिकायत के मुताबिक, जब वह होटल पहुंचे तो महिला उन्हें कमरे में ले गई। कुछ ही देर बाद गणेश सिंह पांडेय नामक युवक भी कमरे में पहुंच गया और दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद दोनों ने उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि दोनों ने युवक पर महिला के साथ गलत संबंध होने का आरोप लगाते हुए वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
डर के कारण पीड़ित ने तत्काल यूपीआई के माध्यम से 10 हजार रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने शेष 9 लाख 90 हजार रुपये कालपी स्टैंड पर लाकर देने का दबाव बनाया और रकम न देने पर वीडियो वायरल करने तथा जेल भिजवाने की धमकी दी।
पीड़ित ने साहस जुटाकर पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए होटल में दबिश दी और महिला तथा उसके साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान आरोपी गणेश शंकर पांडेय के पास से बने फर्जी प्रेस पहचान पत्र, माइक आईडी तथा अन्य दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों को किस प्रकार झांसे में लेता था और कहीं उसने इसी तरह की अन्य घटनाओं को भी अंजाम तो नहीं दिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ जबरन वसूली, धमकी, धोखाधड़ी तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि जांच में फर्जी पत्रकारिता से जुड़े अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।




