Monday, August 24, 2026

जालौन में नाबालिग से गैंगरेप करने वाले दो युवक और साथ देने वाली महिला को 20-20 वर्ष का कारावास, कोर्ट ने लगाया 1 लाख 65 हजार का जुर्माना

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जालौन में नाबालिक को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने वाले दो युवकों को स्पेशल न्यायालय पोक्सो एक्ट के न्यायाधीश ने 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है, इस मामले में दोनों युवकों का साथ देने वाली महिला को भी न्यायालय ने 20 साल की सजा सुनाई, साथ ही न्यायालय महिला सहित तीनों पर 1 लाख 65 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही पीड़िता को 50 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है। वही एक अन्य मामले में नाबालिक से छेड़खानी करने वाले एक युवक को 4 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई, साथ ही 11 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।

दोनों मामले की पैरवी करने वाले अपर जिला शासकीय अधिवक्ता बृजराज राजपूत ने बताया कि पहला मामला एट कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। यहां की रहने वाली 17 वर्षीय नाबालिग को 28 मार्च 2023 उरई के वेदिका गेस्ट हाउस के पास रहने वाला डोलू उर्फ मानवेंद्र पुत्र अशोक अहिरवार भगा ले गया था, जिसमें देवेंद्र पुत्र गोपाल अहिरवार और उसकी पत्नी लक्ष्मी ने भगाने में साथ दिया था, इतना ही नहीं डोलू ने देवेंद्र के साथ मिलकर नाबालिक के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था, इसकी शिकायत नाबालिग की मां ने पुलिस से 4 जून 2023 को की थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर देवेंद्र और उसकी पत्नी लक्ष्मी को 6 जून 2023 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि 8 जून 2023 को डोलू उर्फ मानवेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए जेल भेजा था, साथ ही नाबालिक का कोर्ट में पेश किया था, जहां उसकी कलम बंद बयान दर्ज किए गए थे, जिसमें नाबालिक ने अपने साथ दुष्कर्म होने की बात बताई थी, साथ ही डोलू और देवेंद्र पर है गैंगरेप का आरोप लगाया था, जिस पर पुलिस ने गैंगरेप की भी धारा बढ़ाई थी, इस मामले में पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए 15 जून को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिए थे, जबकि 7 जुलाई 2023 को आरोप विचरित हुए थे, इसके बाद लगातार कोर्ट में ट्रायल चल रहा था।

लगभग डेढ़ साल बाद मंगलवार को इस मामले में फैसला आया है, इस मामले में जालौन के स्पेशल न्यायालय पोक्सो एक्ट के न्यायाधीश मोहम्मद कमर एडीजे ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर नाबालिक को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ गैंगरेप करने वाले डोलू उर्फ मानवेंद्र तथा देवेंद्र और उसकी पत्नी लक्ष्मी को दोषी माना है, जिसमें महिला लक्ष्मी को आईपीसी की धारा 376D और आईपीसी की धारा 109 का दोषी मानते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है, जबकि महिला पर 60 हजार रुपए जुर्माना लगाया है।

वही कोर्ट के न्यायाधीश ने डोलू उर्फ मानवेंद्र तथा देवेंद्र को भी गैंगरेप की धारा और अन्य धाराओं में दोषी मानते हुए 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, साथ ही मानवेंद्र पर 50 हजार और देवेंद्र पर 55 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। वही इस जुर्माने की राशि में 50 हजार की धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देनी होगी।

एक अन्य मामले की पैरवी करने वाले अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह राजपूत ने बताया कि कालपी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली नाबालिक के साथ गांव के ही रहने वाले अनूप उर्फ अन्नू ने छेड़खानी की थी, इस मामले में भी स्पेशल पोक्सो एक्ट के न्यायाधीश मोहम्मद कमर अहमद द्वारा अनूप को दोषी मानते हुए 4 साल की सजा सुनाई साथ ही 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

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