कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के चौथे चरण में छात्रों से संवाद करेंगे। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। राहुल गांधी इससे पहले कोटा, देहरादून और प्रयागराज में छात्रों के बीच पहुंचकर शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवाल उठा चुके हैं।
कांग्रेस की ओर से शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य छात्रों और युवाओं को अपनी बात रखने के लिए मंच उपलब्ध कराना बताया गया है। पिछले कार्यक्रमों में राहुल गांधी ने छात्रों के साथ सीधे संवाद किया और कई मौकों पर छात्रों तथा शिक्षकों को मंच से अपनी बात रखने का अवसर भी दिया।
प्रयागराज में रील को बताया था ‘21वीं सदी का नशा’
8 अगस्त को प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने युवाओं की समस्याओं और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि व्यवस्था ने युवाओं को एक तरह के ‘चक्रव्यूह’ में फंसा दिया है। राहुल ने रील संस्कृति पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि युवाओं से कहा जाता है कि वे जितनी चाहें रील बनाएं, मजदूरी करें और ‘21वीं सदी का नशा’ लें, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिल सकती।
देहरादून में पेपर लीक का मुद्दा उठाया
17 जुलाई को देहरादून के बन्नू स्कूल ग्राउंड में हुए कार्यक्रम में राहुल गांधी ने पेपर लीक को लेकर सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि केवल एक फीसदी लोग पेपर लीक जैसे रास्ते पर चलते हैं, लेकिन इसका खामियाजा 99 फीसदी ईमानदार और गरीब युवाओं को भुगतना पड़ता है।
कोटा में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
17 जून को कोटा के दशहरा मैदान में हुए पहले कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा था कि ‘छात्रों की गूंज’ कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि युवाओं और छात्रों की आवाज उठाने का मंच है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था के कारण विद्यार्थियों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव और तनाव का मुद्दा भी उठाया था।
800 शहरों और कस्बों तक पहुंचने की तैयारी
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 19 जुलाई को दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद कहा था कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा। पार्टी के अनुसार देशभर के करीब 800 छोटे शहरों और कस्बों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें से कुछ कार्यक्रमों में राहुल गांधी स्वयं छात्रों से संवाद करेंगे।
पटना का कार्यक्रम हो चुका है रद्द
राहुल गांधी का 15 जुलाई को पटना में भी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया था। कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के चलते लागू आदर्श आचार संहिता को कार्यक्रम रद्द होने की वजह बताया था। पार्टी के भीतर कार्यक्रम की तैयारियों और छात्रों के संपर्क से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चाएं सामने आई थीं।
जानकारी के मुताबिक पटना में छात्र सम्मेलन पहले 11 जुलाई को प्रस्तावित था, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 जुलाई किया गया। हालांकि निर्धारित समय तक छात्रों से जुड़ा आवश्यक डेटा और संपर्क सूची तैयार नहीं होने की चर्चाओं के कारण तैयारियों पर असर पड़ने की बात भी सामने आई थी।
अब पुणे में होने वाला चौथा कार्यक्रम इस अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में कांग्रेस का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है। नजरें इस बात पर रहेंगी कि राहुल गांधी इस बार छात्रों के सामने शिक्षा, पेपर लीक, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था को लेकर कौन से नए मुद्दे उठाते हैं।






