जालौन जनपद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोक निर्माण विभाग की तैयारियों और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। शुक्रवार दोपहर उरई क्षेत्र के मलंगा नाले में अचानक आए तेज उफान से रगौली गांव को जोड़ने वाला अस्थायी पीपों का पुल तेज बहाव में बह गया। इतना ही नहीं, पुल से जुड़ा करीब 10 मीटर अप्रोच मार्ग भी कटकर नाले में समा गया। पुल बहने से रगौली गांव का मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया और दोनों ओर आने-जाने वाले राहगीर बीच रास्ते में ही फंस गए।
ग्रामीणों के अनुसार रगौली गांव के पास स्थित पुराने जर्जर पुल को करीब डेढ़ माह पहले ध्वस्त कर दिया गया था। उसकी जगह लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से नए पुल का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान लोगों की आवाजाही बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग और कार्यदायी संस्था ने नाले पर अस्थायी पीपों का पुल एवं वैकल्पिक मार्ग तैयार कराया था। लेकिन लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शुक्रवार दोपहर मलंगा नाले में जलस्तर तेजी से बढ़ गया और तेज बहाव अस्थायी पुल को अपने साथ बहा ले गया।
गनीमत रही कि घटना के समय लगातार बारिश के कारण पुल पर कोई मजदूर या ग्रामीण मौजूद नहीं था। यदि उस समय आवागमन हो रहा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुल बहने के बाद दोनों ओर लोगों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
इस मार्ग से प्रतिदिन करीब दो हजार से अधिक ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, किसान और कर्मचारी आवागमन करते हैं। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद रगौली गांव की करीब दो हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। अब ग्रामीणों को रेवा गांव के रास्ते करीब चार किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। हालांकि लगातार बारिश के चलते यह वैकल्पिक मार्ग भी कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। सुरक्षा की दृष्टि से नाले के दोनों ओर बांस-बल्ली से बैरिकेडिंग कर चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति क्षतिग्रस्त मार्ग से गुजरने का प्रयास न करे।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि पुल बहने की सूचना मिल गई है। विभाग द्वारा स्थिति का आकलन किया जा रहा है और जल्द ही आवागमन बहाल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि वैकल्पिक मार्ग की तत्काल व्यवस्था कर गांव का संपर्क मुख्यालय से जल्द से जल्द बहाल कराया जाए।




