Tuesday, August 25, 2026

जालौन में जिला दीवानी अदालत में 12 से अधिक कर्मचारियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान, एडीजे एससी-एसटी बोले, रक्तदान करने से लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती

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जालौन के उरई स्थित जिला दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें जिला दीवानी न्यायालय के एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने रक्तदान किया इस दौरान अपर जिला जज एससी-एसटी एक्ट प्रमोद कुमार गुप्ता ने कहां की रक्तदान करने से लोगों की जान बचाई जा सकती है इसीलिए हर व्यक्ति को रक्तदान करना आवश्यक है जिससे जरूरतमंदों की मदद हो सके।

शनिवार को जिला न्यायाधीश अचल सचदेव के निर्देश में आयोजित इस स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में जिला न्यायालय के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सचिन कुमार कौशिक, अवधेश कुमार सोनी, बलवन्त सिंह रौतेला, रामअवतार, दीपक नारायण, शुभम शुक्ला, देवेन्द्र कुमार, भानूप्रताप सिंह, इरफान खां, श्रीकृष्ण पाण्डेय, देवेन्द्र त्राहिया, करन सिंह यादव, महेन्द्र कुमार मिश्रा सहित अन्य लोगों द्वारा रक्तदान किया गया।

इस रक्तदान शिविर में विशेष न्यायाधीश/अपर जिला जज एससी-एसटी एक्ट एवं प्रभारी अधिकारी नजारत अनुभाग जजशिप जालौन प्रमोद कुमार गुप्ता ने कहा कि रक्त के बिना शरीर हाड़-मांस का ढांचा है। शरीर के सुचारू संचालन के लिए खून की आवश्यकता होती है। खून की कमी से व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ सकता है। खून की जरूरत होने पर अगर समय से रक्त की पूर्ति न की जाए तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है। खून की कमी को पूरा करके जीवन की रक्षा रक्तदान के जरिए की जा सकती है। इस कारण लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक किया जाता है, ताकि एक स्वस्थ व्यक्ति जरूरतमंद को रक्तदान कर सके और एक जीवन बचा सके।

इस अवसर पर रक्त बैंक जिला अस्पताल उरई से प्रभारी रक्तकोश डा अरविन्द श्रीवास्तव, लैव टेक्नीशियन सुशील चन्द्र द्विवेदी, श्रीकृष्ण कन्हैया, राकेश साहू जिला परामर्शदात्री श्रीमती गीता भारती प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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