कोंच/ग्वालियर। मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के दम पर बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। जालौन के कोंच नगर के वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश कौशिक की नातिन लम्हा प्रशांत अरजरिया ने तैराकी के क्षेत्र में शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए मध्य प्रदेश की स्टेट टीम में जगह बनाई है। लम्हा अब 18 से 23 अगस्त तक ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित होने वाले नेशनल गेम्स में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनके चयन से परिवार के साथ ही कोंच और ग्वालियर में भी खुशी का माहौल है।

लम्हा की इस उपलब्धि के पीछे उनकी प्रतिभा के साथ उनकी मां डॉक्टर अमृता अरजरिया के त्याग और समर्पण की भी बड़ी भूमिका है। बेटी को तैराकी में आगे बढ़ाने और उसे राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाने के लिए डॉक्टर अमृता अरजरिया ने करीब सात वर्ष पहले अपनी नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा समय बेटी की ट्रेनिंग और उसके खेल को निखारने में लगा दिया। मां की मेहनत और बेटी की लगन का परिणाम अब राष्ट्रीय स्तर पर चयन के रूप में सामने आया है।

वरिष्ठ अधिवक्ता ओम प्रकाश कौशिक की बेटी डॉक्टर अमृता अरजरिया की पुत्री15 वर्षीय लम्हा अरजरिया ने महज छह वर्ष की उम्र में तैराकी शुरू की थी। शुरुआत में शौक के तौर पर शुरू हुआ उनका यह सफर धीरे-धीरे जुनून में बदल गया। लगातार अभ्यास और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के चलते उन्होंने कम उम्र में ही अपनी अलग पहचान बना ली। लम्हा अब तक तैराकी प्रतियोगिताओं में करीब 25 पदक अपने नाम कर चुकी हैं। स्कूल स्तर की राज्य प्रतियोगिताओं में उन्होंने दो स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य पदक हासिल किए हैं।
लम्हा को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने में उनके कोच सचिन पाल का भी महत्वपूर्ण योगदान है। वह रोजाना सुबह और शाम करीब दो-दो घंटे अभ्यास करती हैं। प्रशिक्षण के लिए वह ग्वालियर स्थित तरण पुष्कर और अपने स्कूल के स्विमिंग पूल में नियमित रूप से अभ्यास करती हैं। अनुशासित दिनचर्या के साथ पढ़ाई और खेल में संतुलन बनाते हुए लम्हा कक्षा 11वीं की छात्रा हैं।
भुवनेश्वर में होने वाले नेशनल गेम्स में लम्हा 20 अगस्त को ब्रेस्ट स्ट्रोक इवेंट में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। मध्य प्रदेश की स्टेट टीम में चयन के बाद उनका लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतना है।
लम्हा के पिता प्रशांत अरजरिया जीएसटी विभाग में स्टेट टैक्स ऑफिसर हैं। बेटी की इस उपलब्धि पर माता-पिता, नाना-नानी, मामा-मामी सहित पूरे परिवार में उत्साह है। वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश कौशिक ने अपनी नातिन के चयन पर खुशी जताते हुए इसे पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया।
लम्हा की कहानी उन अभिभावकों के लिए भी प्रेरणा है, जो अपने बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं। मां डॉक्टर अमृता अरजरिया ने नौकरी छोड़कर बेटी के सपने को अपना लक्ष्य बनाया और लम्हा ने कड़ी मेहनत से उस विश्वास को उपलब्धियों में बदलना शुरू कर दिया। अब भुवनेश्वर के नेशनल गेम्स में लम्हा के प्रदर्शन पर परिवार और शहरवासियों की निगाहें टिकी हैं।




