Wednesday, August 26, 2026

उरई के न्यू पीएल कमला मेमोरियल हॉस्पिटल की लापरवाही से महिला और बच्चे की जान पर आई आफत, पीड़िता के परिजनों ने की शिकायत, जांच में मानक विहीन मिला अस्पताल

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जालौन के उरई स्थित न्यू पीएल कमला मेमोरियल हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां इलाज के लिए आई एक गर्भवती महिला का सही से इलाज न करने के कारण उसकी पेट में पल रहे बच्चे और उसकी जान पर आफत आ गई, जिसकी हालत बिगड़ने पर अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा तत्काल रेफर कर दिया, जहां झांसी में डॉक्टरों द्वारा महिला और उसके बच्चे की बमुश्किल जान बचाई जा सकी, मगर गर्भाशय में इंफेक्शन फैल जाने के कारण उसकी बच्चेदानी को बाहर निकलना पड़ा। इसके बाद महिला के पति ने इसकी शिकायत डीएम से की, जिस पर जांच कमेटी गठित की गई थी, जिसने मामले की जांच की तो अस्पताल में कई अनियमितताएं मिली, जिसकी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई।

मामला उरई के महिला अस्पताल के पास बने न्यू पीएल कमला मेमोरियल अस्पताल का है। जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चिमन दुबे के रहने वाले शोएब सिद्दीकी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए बताया था कि उसकी पत्नी अजरा सिद्दीकी गर्भवती थी और प्रसव पीड़ा होने पर उसे 7 जुलाई को न्यू पीएल कमला मेमोरियल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे, जहां अस्पताल में नफीस खान नाम के व्यक्ति मिला, जिसने अपने आप को डॉक्टर तथा अस्पताल का संचालक बताते हुए अजरा को स्टाफ के माध्यम से ओटी में ले गया, जहां कुछ देर पश्चात कहा कि उसकी पत्नी का सिजेरियन ऑपरेशन होगा, मैं विशेषज्ञ डॉक्टर से ही उसका ऑपरेशन कराऊंगा, लेकिन इसी बीच उसकी हालत बिगड़ गई और पेट में पल रहे बच्चे तथा पत्नी मरणासन्न स्थिति में पहुंच गई, जिसे देखकर अस्पताल में मौजूद स्टाफ और डॉक्टर ने तत्काल उसे झांसी रेफर कर दिया, जहां बड़ी मुश्किल से उसकी पत्नी तथा बच्चों को बचाया जा सका।

जांच करते अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सौरभ पांडेय

पति ने डीएम को बताया था कि उसकी पत्नी का गर्भाशय खराब हो गया था, जिस कारण उसकी बच्चेदानी को निकालना पड़ा, उसने डीएम से शिकायत की थी कि अब उसकी पत्नी के दूसरा बच्चा नहीं हो पाएगा, इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सौरव पांडेय और इस एसीएमओ के नेतृत्व में एक जांच कमेटी बनाई थी, जिस पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सौरव पांडे ने एसीएमओ के साथ न्यू पल कमला हॉस्पिटल की जांच की, इस दौरान अस्पताल में कई अनियमितताएं मिली, इतना ही नहीं एक ही नाम से दो पीएल कमला अस्पताल संचालित किया जा रहे हैं, जबकि रजिस्ट्रेशन सिर्फ एक अस्पताल का था।

इस दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सौरभ पांडेय ने जांच करने के बाद इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है, साथ ही उन्होंने बताया कि जालौन के चिमन दुबे के रहने वाले शोएब की शिकायत पर यह जांच की गई, जांच के दौरान कई खामी मिली हैं, जिसकी जांच बना ली गई है, साथ ही इस अस्पताल के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी, उन्होंने कहा कि अस्पताल मानक विपरीत बना हुआ था, जिसकी उच्च अधिकारियों को जांच की रिपोर्ट प्रेषित की गई है और इस पर विधि कार्रवाई की जाएगी।

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