Wednesday, August 19, 2026

STP टेंडर घोटाले में ACB का बड़ा एक्शन, दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह गिरफ्तार

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दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टेंडरों में कथित अनियमितताओं के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे सत्येंद्र जैन समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और तीन कंपनियों से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा व पंकज वर्मा शामिल हैं।

ACB के अनुसार, STP के अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडरों की शर्तों में कथित तौर पर इस तरह बदलाव किए गए, जिससे एक विशेष कंपनी को अनुचित लाभ मिल सके। एजेंसी का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा को सीमित करने वाली शर्तें शामिल की गईं, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी।

जांच के दौरान ACB को कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों, बिचौलियों और निजी कंपनियों के बीच हुई बातचीत के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं। ई-मेल की जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि टेंडर से जुड़े दस्तावेज कंपनियों के साथ प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही साझा किए गए थे।

पूर्व CEO को 1.52 करोड़ रुपये रिश्वत देने का आरोप

ACB का आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय को कथित तौर पर 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी। एजेंसी इस रकम और टेंडर प्रक्रिया के बीच संबंधों की जांच कर रही है। मामले में जांच अभी जारी है और एजेंसी अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

11 मई 2024 को दर्ज हुआ था मामला

ACB के मुताबिक, STP टेंडर में कथित गड़बड़ी को लेकर 11 मई 2024 को मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि टेंडर की शर्तों को इस तरह तैयार और संशोधित किया गया, जिससे एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके। अब इसी मामले में गिरफ्तारियां की गई हैं।

ED भी दाखिल कर चुकी है चार्जशीट

दिल्ली जल बोर्ड के चार STP टेंडरों में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच कर चुका है। ED ने दिसंबर 2025 में सत्येंद्र जैन समेत 14 लोगों के खिलाफ करीब 17.70 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की थी।

872 दिन जेल में रहे थे सत्येंद्र जैन

सत्येंद्र जैन को प्रवर्तन निदेशालय ने 30 मई 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह करीब 872 दिन जेल में रहने के बाद 18 अक्टूबर 2024 को दिल्ली की अदालत से जमानत मिलने पर तिहाड़ जेल से बाहर आए थे। जैन ने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार करते हुए इन्हें राजनीतिक कार्रवाई बताया था।

पहले भी कई मामलों में जांच का सामना

सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति, मनी लॉन्ड्रिंग, CCTV परियोजना और दिल्ली सरकार के स्कूलों में क्लासरूम निर्माण से जुड़ी कथित अनियमितताओं सहित कई मामलों में जांच हो चुकी है। सितंबर 2025 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत जैन से जुड़ी करीब 7.44 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां भी अटैच की थीं।

ACB की ताजा कार्रवाई के बाद STP टेंडर मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों और टेंडर प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों व निजी कंपनियों की भूमिका को लेकर जांच तेज हो गई है।

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