मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रसोइया सम्मान समारोह में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के लिए चार बड़े ऐलान किए। सरकार ने रसोइयों का मासिक मानदेय 2 हजार से बढ़ाकर 3 हजार रुपये करने के साथ दुर्घटना की स्थिति में 2 लाख रुपये की तत्काल सहायता और 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की। इसके अलावा साड़ी के लिए मिलने वाली राशि भी 500 से बढ़ाकर 1 हजार रुपये करने का ऐलान किया गया। इन फैसलों का लाभ प्रदेश के 3.53 लाख से अधिक रसोइयों को मिलेगा।
समारोह में मुख्यमंत्री ने 11 रसोइयों को मंच पर सम्मानित किया। उन्हें बढ़े हुए मानदेय का चेक, कैशलेस हेल्थ कार्ड और सुरक्षा किट प्रदान की गई। कार्यक्रम में प्रदेशभर से करीब 1500 रसोइये शामिल हुए।

पहले 1 हजार, फिर 2 हजार और अब 3 हजार हुआ मानदेय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रसोइये केवल बच्चों का पेट भरने का काम नहीं करते, बल्कि उन्हें पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर स्वस्थ भविष्य तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार ने पहले रसोइयों का मानदेय 1 हजार से बढ़ाकर 2 हजार रुपये किया और अब इसे बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है।
उन्होंने कहा कि रसोइयों के लिए एलपीजी की व्यवस्था कर उन्हें लकड़ी और कोयले के धुएं से भी राहत दी गई है। विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
हादसे में परिवार को मिलेगी तत्काल आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री ने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में रसोइयों के परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने स्टेट बैंक के साथ मिलकर खाते खुलवाने की व्यवस्था की है। दुर्घटना होने पर बैंक की ओर से 2 लाख रुपये की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा
रसोइयों को 5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा भी दी जाएगी। योजना के तहत रसोइये और उनके परिवार के पात्र सदस्य सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में उपचार करा सकेंगे। गंभीर बीमारियों और बड़ी सर्जरी समेत 1900 से अधिक बीमारियों के उपचार के पैकेज इसमें शामिल होने की बात कही गई है। योजना का संचालन साचीज (SACHIS) के माध्यम से किया जाएगा और निर्धारित दरों पर उपचार उपलब्ध होगा।
भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने रसोइयों से विद्यालय की रसोई को साफ-सुथरा रखने और निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि भोजन में लापरवाही से फूड पॉइजनिंग जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। रसोई में अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाने की जरूरत है, ताकि रसोइयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सपा सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में जमीनों पर कब्जे होते थे और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में प्रदेश दंगा मुक्त हुआ है और महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी मिली है।
योगी ने कहा कि सरकार की योजनाओं के पीछे लगातार मेहनत और समीक्षा होती है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी सरकार में शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा और नकल को बढ़ावा मिला।
जर्जर विद्यालयों के पुनर्निर्माण का दावा
मुख्यमंत्री ने जर्जर विद्यालय भवनों को लेकर कहा कि जिन भवनों की हालत आज खराब दिखाई जा रही है, उनमें से कई पिछली सरकारों के कार्यकाल में बने थे। वर्तमान सरकार ऐसे जर्जर भवनों को नए भवनों में बदलने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई है।
प्रदेश के 3.53 लाख से अधिक रसोइयों को लाभ
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या के आधार पर रसोइयों की व्यवस्था है। 25 बच्चों तक दो, 26 से 100 बच्चों तक तीन और 101 से 200 बच्चों तक चार रसोइयों की व्यवस्था निर्धारित है। सरकार के नए फैसलों से प्रदेशभर के 3 लाख 53 हजार से अधिक रसोइयों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
ब्रजेश पाठक ने भी साधा विपक्ष पर निशाना
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले गांवों में बिजली की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में भय रहता था, लेकिन अब स्थिति में बदलाव आया है। उन्होंने लोगों से आगामी चुनाव में सोच-समझकर मतदान करने की अपील करते हुए सरकार के कामकाज की तुलना कर निर्णय लेने को कहा।






