उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को बड़ी सौगात दी है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाए जाने की मांग कर रहे रसोइयों के हित में सरकार ने उनका मासिक मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाने का फैसला किया है। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब रसोइयों को प्रतिमाह 2,000 रुपये के स्थान पर 3,000 रुपये मानदेय मिलेगा। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के 3.53 लाख से अधिक रसोइयों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
रसोइयों के मानदेय में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब लंबे समय से वे कम मानदेय में काम करने को मजबूर थे। प्रदेश में रसोइयों का मानदेय करीब पांच वर्षों से नहीं बढ़ाया गया था। विद्यालयों में बच्चों के लिए प्रतिदिन भोजन तैयार करने और उसे वितरित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले रसोइए लगातार मानदेय बढ़ाने की मांग उठा रहे थे। सरकार के नए निर्णय से उनकी मासिक आय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।
यूनिफॉर्म और दस्ताने के लिए भी मिलती है राशि
मासिक मानदेय के अलावा सरकार की ओर से रसोइयों को हर वर्ष यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये और दस्तानों के लिए 400 रुपये की राशि भी दी जाती है। विद्यालय में छात्र संख्या के आधार पर रसोइयों की तैनाती की व्यवस्था है। 25 तक बच्चों वाले विद्यालय में दो रसोइए, 26 से 100 बच्चों तक तीन और 101 से 200 बच्चों तक चार रसोइयों की व्यवस्था है।
शिक्षामित्र और अनुदेशक भी बढ़े मानदेय के दायरे में
सरकार की ओर से पिछले कुछ समय में शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न वर्गों के लिए कई फैसले किए गए हैं। इससे पहले शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की जा चुकी है। इसके अलावा शिक्षकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों समेत शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। ऐसे में रसोइयों के मानदेय में वृद्धि को सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था से जुड़े निचले स्तर के कर्मचारियों को राहत देने वाले फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनाव से पहले बड़े वर्ग को साधने की कोशिश
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में सरकार के हालिया फैसलों को कर्मचारियों और विभिन्न वर्गों को राहत देने की कवायद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कार्यरत रसोइयों का सीधा जुड़ाव सरकारी स्कूलों और स्थानीय परिवारों से है। पांच साल से मानदेय में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे इस वर्ग को अब अतिरिक्त एक हजार रुपये प्रतिमाह मिलने से सरकार के फैसले का व्यापक असर पड़ने की संभावना है।
23 अगस्त को सीएम करेंगे रसोइयों का सम्मान
प्रधानमंत्री पोषण योजना से जुड़े रसोइयों के सम्मान के लिए 23 अगस्त को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रसोइयों को सम्मानित करने के साथ कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित करेंगे। समारोह में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब 1,500 रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान 11 रसोइयों को विशेष रूप से सम्मानित करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जनपदों और तहसील स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों के योगदान को सम्मान देना और उनके प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचाना है।
मानदेय बढ़ने के बाद अब प्रदेश के 3.53 लाख से अधिक रसोइयों को हर महीने पहले की तुलना में एक हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सरकार के इस फैसले से लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी की प्रतीक्षा कर रहे रसोइयों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।






