जालौन के कुठौंद थाने में तैनात रहे इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड में जेल में बंद मुख्य आरोपी महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा की गुरुवार सुबह झांसी जेल से रिहाई हो गई। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहाई का परवाना झांसी जेल पहुंचा, जिसके बाद जेल प्रशासन ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें रिहा कर दिया। जेल से बाहर आने के बाद मीनाक्षी शर्मा मास्क लगाकर उरई जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचीं, जहां इस चर्चित हत्याकांड में गवाही की प्रक्रिया शुरू हो गई।
जिला एवं सत्र न्यायालय में गुरुवार को इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की पत्नी मीरा राय ने मामले से संबंधित साक्ष्य न्यायालय में दाखिल किए। अब 21 अगस्त को मीरा राय से महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा की ओर से अधिवक्ता शिवेश सेंगर साक्ष्यों को लेकर जिरह करेंगे। इसके साथ ही मामले की पहली गवाही पर जिरह की प्रक्रिया शुरू होगी।

सरकारी आवास में गोली लगने से हुई थी मौत
कुठौंद थाने के इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की 5 दिसंबर 2025 को उनके सरकारी आवास में गोली लगने से मौत हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। अगले दिन 6 दिसंबर को मृतक इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 दिसंबर 2025 को मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले की सीओ जालौन शैलेंद्र बाजपेई के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई थी, जांच पूरी होने के बाद 9 मार्च 2026 को पुलिस ने मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।

सीजेएम अभिषेक खरे की अदालत ने आरोप पत्र का संज्ञान लेने के बाद मामले को सुनवाई के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद प्रकरण की सुनवाई सत्र न्यायालय में चल रही है।
उरई जेल से झांसी जेल किया गया था स्थानांतरण
मई 2026 में उरई जिला कारागार में विवाद होने के बाद सुरक्षा कारणों के चलते मीनाक्षी शर्मा को झांसी जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया। 22 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई।
जमानत आदेश के आधार पर रिहाई का परवाना झांसी जेल पहुंचने के बाद गुरुवार, 20 अगस्त को जेल प्रशासन ने उन्हें रिहा कर दिया। रिहाई के बाद वह उरई पहुंचीं और न्यायालय की कार्यवाही में शामिल हुईं

हत्याकांड की टाइमलाइन
- 5 दिसंबर 2025 रात्रि लगभग 9:15 बजे इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की सरकारी आवास में गोली लगने से मौत हुई।
- 5 दिसंबर 2025:- रात्रि लगभग 9:30 बजे मीनाक्षी शर्मा इंस्पेक्टर के आवास से भागती हुई सीसीटीवी कैमरे में कैद
- 6 दिसंबर 2025: पत्नी माया राय ने महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
- 7 दिसंबर 2025: पुलिस ने मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
- 9 मार्च 2026: पुलिस ने मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
- 9 मार्च 2026 के बाद: सीजेएम अभिषेक खरे की अदालत ने आरोप पत्र का संज्ञान लेकर मामले को जिला एवं सत्र न्यायालय स्थानांतरित किया।
- मई 2026: उरई जिला जेल में विवाद के बाद मीनाक्षी शर्मा को झांसी जेल स्थानांतरित किया गया।
- 22 जुलाई 2026: हाईकोर्ट ने मीनाक्षी शर्मा को जमानत दी।
- 20 अगस्त 2026: रिहाई का परवाना पहुंचने के बाद मीनाक्षी शर्मा को झांसी जेल से रिहा किया गया। इसके बाद वह उरई जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचीं।
- 21 अगस्त 2026: इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की पत्नी मीरा राय की गवाही पर मीनाक्षी शर्मा के अधिवक्ता की ओर से जिरह प्रस्तावित है। इसी के साथ पहली गवाही पर जिरह का दौर शुरू होगा।
अब आगे क्या होगा?
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों और साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। गवाहों की गवाही के बाद बचाव पक्ष को जिरह का अवसर मिलेगा। इसके बाद मामले में अन्य गवाहों और साक्ष्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हत्याकांड का अंतिम फैसला न्यायालय में होने वाली सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।






