जालौन जिले के चुर्खी थाना क्षेत्र में वर्ष 2019 में मानसिक रूप से अस्वस्थ विधवा महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या और साक्ष्य मिटाने के लिए बाड़े में आग लगाने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी की अदालत ने दोषी राजेश शाहू पर कुल 42 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे 13 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता हृदेश पांडेय के अनुसार, चुर्खी कस्बा निवासी तत्कालीन अध्यापक वैभव विभावर्मा ने 28 दिसंबर 2019 को पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि 25 दिसंबर की रात करीब 1:30 बजे उनके बाड़े में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से उनकी रिश्ते की विधवा चाची मीना की मौत हो गई थी। मीना मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं और काफी समय से बाड़े में ही रह रही थीं।
घटना के बाद आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने पर मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। आशंका जताई गई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने महिला के साथ मारपीट कर उसकी हत्या की और शव को बाड़े में बने कमरे से लगी टीनशेड के नीचे छोड़ दिया। इसके बाद घटना से जुड़े साक्ष्यों को मिटाने के उद्देश्य से कमरे में आग लगा दी गई।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी राजेश शाहू को गिरफ्तार किया। विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया था। महिला द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपी ने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद घटना के साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से बाड़े में आग लगा दी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्यों और अन्य प्रमाणों का न्यायालय ने परीक्षण किया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने राजेश शाहू को दोषी पाया।






