जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। उन्होंने ओपीडी, दवा वितरण काउंटर, इमरजेंसी वार्ड सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का स्थलीय सत्यापन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक मरीज को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार और चिकित्सक द्वारा लिखी गई सभी आवश्यक दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ओपीडी से दवा लेकर बाहर निकल रही विकास खंड कोंच के ग्राम भदारी निवासी मंजू देवी से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने मरीज से पूछा कि चिकित्सक द्वारा लिखी गई सभी दवाएं अस्पताल से मिली हैं या नहीं। मंजू देवी ने बताया कि उन्हें सभी दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध करा दी गई हैं।
दवा वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी ने मौके पर ही रैंडम सत्यापन कराया। उन्होंने मंजू देवी को साथ लेकर पहले पुरुष दवा वितरण काउंटर पर चिकित्सकीय पर्ची प्रस्तुत कराई, जहां पर्चे में अंकित सभी दवाएं उपलब्ध मिलीं। इसके बाद महिला दवा वितरण काउंटर पर भी जांच कराई गई, जहां भी मरीज को निर्धारित सभी दवाएं उपलब्ध कराई गईं। व्यवस्था से संतुष्ट होते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े और अस्पताल में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रखी जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला एवं पुरुष मरीज का हालचाल जाना और उनके उपचार की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि दोनों मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा उनके खान-पान, दवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में भर्ती प्रत्येक मरीज के साथ संवेदनशील और मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि बुजुर्ग मरीजों की देखभाल अपने माता-पिता की तरह करें तथा पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उन्हें डिस्चार्ज किया जाए। उन्होंने दोहराया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, समय पर दवा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।




