Thursday, September 17, 2026

विद्युत हादसे पर डीएम की सख्ती, उपखंड अधिकारी हटाए गए; अवर अभियंता पर भी गिरी गाज

जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की सख्ती का बड़ा असर विद्युत विभाग में देखने को मिला है। हदरुख विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में दो लोगों के झुलसने की घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए उपखंड अधिकारी को पद से हटा दिया है। वहीं संबंधित अवर अभियंता के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाकर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह ने विस्तृत जांच आख्या जिलाधिकारी को सौंप दी है।

 

अधीक्षण अभियंता की रिपोर्ट के अनुसार ग्राम हरिसिंहपुर के मजरा माईनर के पास खेतों से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन के समीप हुई दुर्घटना की जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया संबंधित अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर बिना विलंब कार्रवाई की गई। विद्युत वितरण उपखंड जालौन के उपखंड अधिकारी को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाते हुए उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।

 

इसके अलावा 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र हदरुख के अवर अभियंता रमाकान्त वर्मा को भी प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए उनके पद से हटाया गया है। उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि का दंड देते हुए अन्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। विभाग का कहना है कि जांच में यह तथ्य सामने आया कि दुर्घटना सीधे विद्युत लाइन के संपर्क में आने से नहीं, बल्कि लगातार वर्षा के कारण पेड़ों में विद्युत प्रवाह आने से हुई थी।

 

घटना के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर संबंधित खेत से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन का स्पैन हटाकर उस क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद करा दी गई, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। दोनों घायलों का उपचार जारी है तथा उन्हें नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

 

अधीक्षण अभियंता ने बताया कि विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा दुर्घटना की स्वतंत्र जांच भी कराई जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

 

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विद्युत अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

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