जालौन के उरई स्थित वैदिक कॉलेज के स्वामी दयानंद परिसर स्थित महाराजा छत्रसाल सभागार में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी संकल्प ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉक्टर राजेश चंद्र पांडेय ने की।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के युवाओं के नाम संदेश एवं संवाद को छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने गंभीरता से सुना। इस अवसर पर युवाओं ने नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय प्रशासन ने अगले दो वर्षों तक नशामुक्ति जागरूकता अभियान को निरंतर चलाने की रूपरेखा भी तय की। इसके तहत प्रत्येक रविवार को अलग-अलग विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की सभी इकाइयों के स्वयंसेवक एवं छात्र-छात्राएं बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
प्राचार्य प्रो. राजेश चंद्र पांडेय ने कहा कि नशामुक्त भारत ही स्वस्थ, सुरक्षित और विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति को सही दिशा देना और नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

रोवर-रेंजर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्रवण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि नशा व्यक्ति के शरीर, मन और पूरे परिवार को दीमक की तरह भीतर से खोखला कर देता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. माधुरी रावत, डॉ. गौरव यादव, डॉ. नमो नारायण दीक्षित, डॉ. विजेंद्र कुमार, डॉ. अतुल प्रकाश बुधौलिया, डॉ. सुरेंद्र मोहन यादव, डॉ. श्रीप्रकाश पांडेय, डॉ. शीलू सेंगर, डॉ. सैयद नफ़ीसुल हसन, डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. शगुफ्ता मिर्जा, श्वेता, डॉ. जितेंद्र प्रताप सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य ने सभी उपस्थित लोगों को नशामुक्त रहने तथा समाज को भी नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई।




