जालौन में अपनी समस्याओं का ज्ञापन देने पहुंचे ग्राम पंचायत सचिवों के साथ जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) राम अयोध्या प्रसाद पर अभद्र व्यवहार करने और उनका ज्ञापन फेंकने का आरोप लगा है, इसके बाद पंचायत सचिवों ने शनिवार दोपहर को जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के बाहर शुरू कर दिया। धरना प्रदर्शन को देखते हुए कार्यालय के कुछ कर्मचारी सचिवों को मनाने पहुंचे। इस घटना के बाद पंचायत सचिवों और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के पदाधिकारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष पवन तिवारी, जिला मंत्री तथा अन्य पदाधिकारी अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर डीपीआरओ को ज्ञापन देने पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद ने सचिवों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उनका ज्ञापन भी फेंक दिया। इस व्यवहार से नाराज सचिवों और संघ के पदाधिकारियों ने तत्काल डीपीआरओ कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया।
धरने पर बैठे पंचायत सचिवों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की अपेक्षा लेकर अधिकारी के पास पहुंचे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उनका आरोप है कि एक जिम्मेदार अधिकारी से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। सचिवों ने कहा कि जब तक पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की जाती और उन्हें सम्मानजनक व्यवहार का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
धरने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई। मौके पर बड़ी संख्या में पंचायत सचिव और संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
इस दौरान कार्यालय में मौजूद एन अधिकारी पंचायत सचिवों को मनाने के लिए पहुंचे लेकिन पंचायत सचिवों का कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा वह धरने से नहीं उठाएंगे बाद में डीपीआरओ द्वारा सभी सचिवों को बुलाया गया और उनकी बात को सुना गया, तब कहीं जाकर समस्या का समाधान हुआ।




