जालौन जनपद के परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय कुकुरगांव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की पठन-पाठन व्यवस्था का गहन अवलोकन किया और सीधे कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक दक्षता का स्वयं परीक्षण किया। बच्चों के प्रदर्शन से संतुष्ट होकर उन्होंने शिक्षकों की सराहना की तथा शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कक्षा तीन, चार एवं पांच के विद्यार्थियों को ब्लैकबोर्ड पर बुलाकर विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न लिखवाए और उनके उत्तर देने को कहा। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों के सही एवं स्पष्ट उत्तर लिखकर अपनी शैक्षणिक तैयारी का परिचय दिया। विद्यार्थियों की लेखन शैली, विषय की समझ और आत्मविश्वास को देखकर जिलाधिकारी ने उनकी प्रशंसा की।
इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों से 13, 14, 15 और 19 के पहाड़े सुनाने को कहा। बच्चों ने बिना किसी झिझक के धाराप्रवाह पहाड़े सुनाकर अपनी गणितीय क्षमता का प्रदर्शन किया। वहीं हिंदी और अंग्रेजी की कविताओं का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण भी किया, जिससे उनकी भाषाई दक्षता और विद्यालय में कराई जा रही गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई की झलक देखने को मिली।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर मजबूत बुनियाद ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होती है। उन्होंने शिक्षकों से प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता पर विशेष ध्यान देने, नियमित अभ्यास कराने और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही अनुशासित एवं प्रेरणादायी शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह सहित विद्यालय की अध्यापिकाएं एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के निरीक्षण से विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।




