जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के उसरगांव में सोमवार शाम एक मजदूर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक का शव प्राथमिक विद्यालय के बाहर स्थित बबूल के पेड़ से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का कहना है कि मृतक कर्ज और आर्थिक तंगी से लंबे समय से परेशान था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।
जानकारी के अनुसार उसरगांव निवासी विशाल सिंह यादव (50) खेती करने के साथ-साथ मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की जिम्मेदारियों और आर्थिक तंगी के कारण वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में चल रहे थे। परिजनों के मुताबिक उन पर कर्ज भी था, जिसे लेकर वह काफी चिंतित रहते थे।
बताया जाता है कि सोमवार शाम विशाल सिंह गांव के प्राथमिक विद्यालय के बाहर स्थित एक बबूल के पेड़ के पास पहुंचे, जहां उन्होंने रस्सी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद उधर से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर पेड़ से लटक रहे शव पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल परिजनों और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही उरई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि विशाल सिंह मेहनतकश और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी असमय मौत से गांव में गहरा दुख व्याप्त है।




