Sunday, July 12, 2026
spot_img

एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ें, पौधरोपण को जनआंदोलन बनाएं: स्वतंत्र देव सिंह

spot_img

जालौन में रविवार को वृहद पौधरोपण महाअभियान-2026 का शुभारंभ प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने उरई-कालपी रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी के समीप आटा स्थित नर्सरी में पौधरोपण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को जन-जन से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का राष्ट्रीय संकल्प है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के अधिकारियों, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत वृक्षारोपण, कृषि वानिकी एवं सामाजिक वानिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 12 से अधिक व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में जलशक्ति मंत्री ने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान भारत की उस सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जहां मां और प्रकृति दोनों को समान सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां जीवन देती है, उसी प्रकार वृक्ष पूरी पृथ्वी को जीवन प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए।

उन्होंने भारतीय संस्कृति में वृक्षों के महत्व का उल्लेख करते हुए शास्त्रों का प्रसिद्ध श्लोक “दशकूपसमावापी…” उद्धृत किया और कहा कि हमारी परंपरा में एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान माना गया है। इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय सभ्यता में प्रकृति और पर्यावरण का कितना ऊंचा स्थान रहा है।

जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़ और भूजल स्तर में गिरावट आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि एक विकसित वृक्ष प्रतिवर्ष लगभग 100 से 120 किलोग्राम ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है और अपने जीवनकाल में एक टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करने की क्षमता रखता है। घने वृक्षों वाले क्षेत्रों में तापमान भी आसपास के क्षेत्रों की तुलना में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम रहता है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल संरक्षण का भी सबसे प्रभावी और स्थायी उपाय है।

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में चल रहे हरित अभियान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष एक ही दिन में 36 करोड़ 50 लाख से अधिक पौधे लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया गया था। वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में 190 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और उत्तर प्रदेश जल्द ही 200 करोड़ पौधरोपण के आंकड़े को पार करने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के वन एवं वृक्षावरण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पौधों की 100 प्रतिशत जियो-टैगिंग, ड्रोन और सैटेलाइट से निगरानी तथा वैज्ञानिक संरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पौधों के जीवित रहने की दर करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो देश में सर्वाधिक मानी जा रही है।

मंत्री ने कहा कि सरकार ‘नगर वन’, ‘मित्र वन’, ‘पंचवटी’ और ‘हरिशंकरी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ किसानों को फलदार, औषधीय और इमारती पौधे उपलब्ध करा रही है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने लोगों से अपील की कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, पूर्वजों की स्मृति अथवा किसी भी शुभ अवसर पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसे पेड़ बनने तक संरक्षित करें। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना पहला कदम है, लेकिन उसकी देखभाल करना ही पर्यावरण के प्रति हमारी वास्तविक जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर जिले के नोएडा अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह, उरई विधायक गौरी शंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी, एमएलसी रमा निरंजन जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, डीएफओ प्रदीप यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_img

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
error: Content is protected !!