जालौन जिले के माधौगढ़ क्षेत्र में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए आत्मघाती वीडियो के आधार पर आए सुसाइडल अलर्ट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक 20 वर्षीय युवक की जान बचा ली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम महज सात मिनट के भीतर युवक के घर पहुंच गई और उसे बेसुध अवस्था से निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां समय रहते उपचार मिलने से उसकी हालत सामान्य हो गई।
घटना थाना माधौगढ़ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुरा की है। यहां के निवासी दीपेन्द्र गौतम (20), जो आईटीआई का छात्र है, प्रेम प्रसंग के चलते मानसिक तनाव से गुजर रहा था। इसी दौरान उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ा एक वीडियो पोस्ट कर दिया। वीडियो अपलोड होते ही मेटा कंपनी की ओर से पुलिस मुख्यालय को सुसाइडल अलर्ट भेजा गया।
मुख्यालय से सूचना प्राप्त होते ही माधौगढ़ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अभिलाष कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हो गई। टीम में कांस्टेबल मनीष शुक्ला और रिक्रूट कांस्टेबल गौरव कुमार शामिल थे। पुलिस ने बिना देर किए युवक के घर पहुंचकर उसे अचेत अवस्था में पाया और परिजनों की मदद से तुरंत अस्पताल भिजवाया।
डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने के कारण युवक की जान बच सकी। उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य हो गई। इसके बाद पुलिस ने युवक और उसके परिजनों की काउंसलिंग भी की। युवक ने भविष्य में इस तरह का कोई कदम न उठाने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया है।
परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और तकनीकी अलर्ट सिस्टम के जरिए समय रहते सूचना मिलना इस मामले में अहम साबित हुआ।
यह घटना न केवल आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया निगरानी की उपयोगिता को दर्शाती है, बल्कि पुलिस की तेज और मानवीय प्रतिक्रिया का भी एक उदाहरण बनकर सामने आई है। क्षेत्र में इस कार्रवाई की व्यापक चर्चा हो रही है और लोग पुलिस की सराहना कर रहे हैं।






