जालौन जनपद में 16 से 22 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले ‘भूजल सप्ताह’ को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि भूजल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा जन आंदोलन है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सात दिवसीय अभियान के दौरान ग्राम पंचायतों, विकास खंडों, नगर निकायों और जनपद स्तर पर व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए रैलियां, कार्यशालाएं, समन्वय बैठकें, पोस्टर, दीवार लेखन, पौधरोपण, जल संरक्षण की शपथ, वर्षा जल संचयन और रिचार्ज पिट निर्माण जैसी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन की पेयजल एवं स्वच्छता समितियों की बैठकें आयोजित कर सुरक्षित पेयजल, जलजनित रोगों से बचाव और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। वहीं विद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों, ग्राम प्रधानों और युवाओं की सहभागिता से जल संरक्षण रैलियां निकाली जाएं।
डीएम ने विकास खंड स्तर पर विभागीय कार्यशालाएं आयोजित करने, तालाबों, चेक-डैमों और अन्य जल संरचनाओं का निरीक्षण कर उनकी उपयोगिता का मूल्यांकन करने तथा किसानों के बीच ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों का प्रदर्शन कराने के निर्देश दिए। नगर निकायों में वर्षा जल संचयन के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान, जल गुणवत्ता परीक्षण शिविर, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताएं तथा जल संरक्षण की सामूहिक शपथ भी अभियान का हिस्सा होंगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, भूगर्भ जल अधिकारी भरत दीप सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






