मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था, जनशिकायतों, राजस्व मामलों और आगामी धार्मिक आयोजनों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को माफियाओं के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखने के साथ ही गो-तस्करी, धर्मांतरण और धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाओं को लेकर 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। जोन और रेंज स्तर पर प्रत्येक सप्ताह अपराध की समीक्षा और विश्लेषण किया जाए। विशेष रूप से महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सीएम योगी ने अधिकारियों को ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति समाप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया।
गलत जनशिकायत निस्तारण पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने जनशिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता को लेकर भी अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल कागजी निस्तारण नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। गलत निस्तारण पाए जाने पर संबंधित जिले को पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण देना होगा। असंतुष्ट मामलों का दोबारा परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए गए।
जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में विशेष सुरक्षा
आगामी जन्माष्टमी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मथुरा-वृंदावन में व्यापक क्राउड कंट्रोल प्लान तैयार करने को कहा। बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही वृंदावन में नया पुलिस सर्किल बनाने और मथुरा-वृंदावन में अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने अधिकारियों को अपराध नियंत्रण की इस दिशा में और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी सतर्कता
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन तारों और उफनती नदियों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया।






