उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया है। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल वर्तमान में लखनऊ स्थित राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्य सचिव एसपी गोयल को भेजा है। रविवार सुबह दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर अपने इस्तीफे की जानकारी सार्वजनिक की। उनके अचानक इस्तीफा देने की खबर सामने आने के बाद प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
दिव्या मित्तल ने अपनी करीब 428 शब्दों की सोशल मीडिया पोस्ट में इस्तीफा देने की जानकारी तो दी, लेकिन इसके पीछे की स्पष्ट वजह का उल्लेख नहीं किया। ऐसे में उनके इस्तीफे को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दिव्या मित्तल को फील्ड पोस्टिंग के दौरान सख्त और तेजतर्रार अधिकारी के तौर पर पहचान मिली। वह मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वह कई बार मौके पर पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के लिए चर्चा में रहीं। काम में लापरवाही मिलने पर मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाने के उनके वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आते रहे हैं।
करीब चार महीने पहले ही उनका देवरिया जिलाधिकारी के पद से तबादला कर लखनऊ में राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया था। इसके बाद से वह शासन में तैनात थीं। ब्यूरोक्रेसी में चर्चा है कि दिव्या मित्तल फील्ड पोस्टिंग को प्राथमिकता देती थीं और शासन में मौजूदा जिम्मेदारी से संतुष्ट नहीं थीं। हालांकि, यह उनके इस्तीफे का वास्तविक कारण है या नहीं, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई
दिव्या मित्तल का शैक्षिक और पेशेवर सफर भी खास रहा है। उन्होंने IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से एमबीए की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने लंदन में निजी क्षेत्र में नौकरी की। विदेश में अच्छी नौकरी होने के बावजूद उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी के लिए नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया। उन्होंने पहले प्रयास में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की परीक्षा पास की। इसके अगले वर्ष उन्होंने आईएएस की परीक्षा में सफलता हासिल की।
2013 बैच की दिव्या मित्तल ने करीब 13 वर्ष तक प्रशासनिक सेवा में काम किया। सामान्य सेवानिवृत्ति आयु के हिसाब से उनकी सेवा के अभी करीब 17 वर्ष शेष बताए जा रहे हैं। ऐसे में बीच सेवा में उनका इस्तीफा देना अपने आप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निजी क्षेत्र में लौटने की भी चर्चा
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उनके भविष्य को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। एक चर्चा यह है कि वह दोबारा निजी क्षेत्र में नौकरी कर सकती हैं। चूंकि उन्हें विदेश में काम करने का अनुभव है, इसलिए उनके विदेश जाने की संभावना की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में भी उनकी ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
राजनीति में जाने की चर्चा भी
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में ब्यूरोक्रेसी के बीच यह चर्चा भी है कि दिव्या मित्तल भविष्य में राजनीति में कदम रख सकती हैं। हालांकि, फिलहाल राजनीति में जाने की संभावना को लेकर कोई ठोस संकेत नहीं हैं और इसे महज कयास के तौर पर ही देखा जा रहा है।
पति भी दे चुके हैं सरकारी नौकरी से इस्तीफा
दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह भी 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (ITS) अधिकारी रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने ‘न्यूरोकैप’ नाम से अपनी कंपनी शुरू की और ट्रेडिंग के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे की आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में फील्ड पोस्टिंग की इच्छा, निजी क्षेत्र में वापसी या भविष्य में किसी अन्य क्षेत्र में जाने जैसी चर्चाओं के बीच फिलहाल यह इस्तीफा यूपी की ब्यूरोक्रेसी के सबसे चर्चित घटनाक्रमों में शामिल हो गया है।






