जालौन के उरई स्थित टाउन हॉल में आयोजित राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ के इतिहास एवं विकास पर आधारित प्रदर्शनी का शुक्रवार को प्रदेश के वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ अवलोकन किया। उन्होंने फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस दौरान सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, डीएम राजेश कुमार पाण्डेय तथा एसपी विनय कुमार सिंह मौजूद रहे।

प्रदर्शनी में तिरंगे के प्रारंभिक स्वरूप से लेकर स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के वर्तमान स्वरूप तक की गौरवशाली ऐतिहासिक यात्रा को क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत किया गया है। स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न चरणों में सामने आए राष्ट्रीय ध्वज के स्वरूप, उनके विकास और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को चित्रों एवं विस्तृत विवरण के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी में होम रूल आंदोलन के दौरान प्रयुक्त ध्वज, राष्ट्रीय ध्वज के विभिन्न प्रारूपों तथा स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विदेशों में भारतीय ध्वज फहराए जाने जैसी ऐतिहासिक घटनाओं को भी प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसके साथ ही स्वतंत्र भारत के वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज के स्वरूप को स्वीकार किए जाने की ऐतिहासिक घटना को भी प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है।

प्रदर्शनी में तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंग के साथ मध्य में अंकित अशोक चक्र के महत्व को भी विस्तार से समझाया गया है। प्रदर्शनी के माध्यम से बताया गया कि तिरंगे का प्रत्येक रंग और अशोक चक्र देश की स्वतंत्रता, शांति, विकास, कर्तव्य और निरंतर प्रगति का संदेश देता है।
राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, संघर्ष, बलिदान, एकता और गौरव का प्रतीक है। इसके स्वरूप में समय के साथ हुए बदलावों की यात्रा देश के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण की गौरवगाथा को भी सामने लाती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां नई पीढ़ी को राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास और उसके महत्व से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम हैं। विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम तथा राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना मजबूत करने में ऐसी प्रदर्शनियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नागरिकों से प्रदर्शनी का अवलोकन कर तिरंगे के गौरवशाली इतिहास को जानने और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करने का आह्वान किया।






