जालौन के उरई जिला मुख्यालय से मौखरी गांव को जोड़ने वाली सड़क की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश बुधवार को सामने आ गया। सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बैनर कट आउट लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से सड़क जर्जर हालत में है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया जा रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उरई से मौखरी को जोड़ने वाला मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी, किसान और नौकरी-पेशा लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कत होती है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा सड़क और गड्ढों का अंतर करना मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क की खराब हालत के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसों का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार संबंधित अधिकारियों से सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
बुधवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर प्रदर्शन किया और सड़क निर्माण की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने जर्जर सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द निर्माण अथवा व्यापक मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सड़क की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं कराया गया तो वे आंदोलन को और व्यापक करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से जनहित में मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।




