जालौन के डकोर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत ऐरी रमपुरा स्थित पंचायत भवन में रविवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पंचायत भवन के अंदर रखा लाखों रुपये का सामान, कंप्यूटर उपकरण, फर्नीचर सहित महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें और अभिलेख जलकर राख हो गए। आग की लपटें और धुआं उठता देख आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्राम प्रधान ओमकार पाल ने आग से करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह पंचायत भवन से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने जब मौके पर जाकर देखा तो भवन के अंदर आग लगी हुई थी। देखते ही देखते आग ने तेज रूप ले लिया और भवन के अंदर से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आग की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने आग बुझाने के लिए अपने स्तर से बाल्टियों में पानी भरकर प्रयास शुरू किया, लेकिन आग की तीव्रता अधिक होने के कारण उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए।
ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस और अग्निशमन विभाग को दी। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और अग्निशमन कर्मियों ने आग बुझाने की कार्रवाई शुरू कर दी। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे तक कड़ी मशक्कत की, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक पंचायत भवन के अंदर रखा काफी सामान आग की चपेट में आकर जल चुका था।
ग्राम प्रधान ओमकार पाल और ग्रामीणों के मुताबिक आग में पंचायत भवन में रखे 8 कंप्यूटर, दो फोटो कॉपी प्रिंटर, इनवर्टर, फर्नीचर समेत पंचायत से संबंधित कई महत्वपूर्ण फाइलें और सरकारी अभिलेख जलकर नष्ट हो गए। आग से भवन के अंदर मौजूद अन्य सामान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सरकारी दस्तावेजों के जलने से पंचायत के अभिलेखों से संबंधित महत्वपूर्ण रिकॉर्ड प्रभावित होने की आशंका है।
प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन आग के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और अग्निशमन विभाग की जांच के बाद ही आग लगने की सही वजह सामने आने की उम्मीद है। घटना की जानकारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी दे दी गई है।
इधर, घटना के बाद राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार जांच और क्षति के आकलन के बाद ही आग से हुए वास्तविक नुकसान का आंकड़ा स्पष्ट हो सकेगा। पंचायत भवन में सरकारी उपकरणों और अभिलेखों की सुरक्षा को लेकर भी घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।




