जालौन कोतवाली में आयोजित थाना समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कोतवाली जालौन के सभागार में फरियादियों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शिकायतों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जालौन में समाधान दिवस के दौरान कुल पांच शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें तीन का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं, जनपद के सभी थानों में कुल 69 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 27 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों के समाधान के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर संबंधित स्थलों पर भेजी गईं।
समाधान दिवस में मुख्य रूप से चकरोड, नाली निर्माण, जलभराव और बारिश से संबंधित समस्याएं सामने आईं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के लिए मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता और दूसरे पक्ष को भी सामने बुलाकर नियमानुसार निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे। संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता से फीडबैक प्राप्त करें और उसकी संतुष्टि के बाद ही प्रकरण को निस्तारित माना जाए।
समीक्षा के दौरान डीएम ने विरासत, खतौनी में नाम की त्रुटि, हदबंदी और भूमि संबंधी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी से आमजन को परेशानी होती है, इसलिए निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी कार्रवाई की जाए।
डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस और राजस्व अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उप जिलाधिकारी राकेश सोनी सहित थाना प्रभारी और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।




