जालौन कोतवाली क्षेत्र के पनहरा गांव में एक होनहार छात्रा द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। 15 वर्षीय शालिनी प्रजापति ने सोमवार शाम घर के कमरे में दुपट्टे का फंदा बनाकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पनहरा गांव निवासी राकेश प्रजापति मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी पत्नी प्रियंका और दो बच्चों के साथ परिवार रहता है। उनकी पुत्री शालिनी प्रजापति (15 वर्ष) कक्षा 11 की छात्रा थी और पढ़ाई में काफी होनहार मानी जाती थी। परिजनों के अनुसार सोमवार शाम उसकी मां प्रियंका पशुओं की देखभाल के लिए पशुवाड़ा गई थीं। इसी दौरान शालिनी ने घर के कमरे में दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
कुछ देर बाद जब मां वापस लौटीं तो बेटी को फंदे से लटका देख उनके होश उड़ गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद ने उपनिरीक्षक तथा फोरेंसिक टीम को मौके पर भेजा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतका के पिता राकेश प्रजापति ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में बेहद मेधावी थी और परिवार को उसकी किसी प्रकार की परेशानी की जानकारी नहीं थी। उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। परिजन भी घटना से स्तब्ध हैं और किसी तरह की वजह समझ नहीं पा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।




