Tuesday, July 7, 2026
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मासूम से दरिंदगी का प्रयास: विशेष पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी पड़ोसी को 10 वर्ष का कठोर कारावास

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समाज में मासूम बच्चियों के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों पर कड़ा प्रहार करते हुए जालौन की विशेष एडीजे (पॉक्सो एक्ट) अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने वाले एक दरिंदे पड़ोसी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी पर 30,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह महत्वपूर्ण फैसला पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

शासकीय अधिवक्ता रणकेंद्र सिंह भदोरिया ने बताया कि की घटना 29 नवंबर 2021 की सुबह करीब 10 बजे कालपी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला राजेपुरा रामचबूतरा में घटित हुई थी। मोहल्ले की ही रहने वाली एक चार वर्षीय मासूम बच्ची अपने घर के बाहर खेलते-खेलते पड़ोस में रहने वाले ताजमीर पुत्र अमीर खां के घर में चली गई। आरोपी ताजमीर ने बच्ची के अकेलेपन का फायदा उठाया और उसे टीवी दिखाने के बहाने एक कमरे में बंद कर लिया।

कमरे के अंदर आरोपी ने इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए मासूम के कपड़े उतारने और उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपी ने दरिंदगी करते हुए बच्ची के कपड़ों पर पेशाब भी कर दिया, जिससे उसके कपड़े पूरी तरह खराब हो गए। बच्ची किसी तरह वहां से छूटकर डरी-सहमी और रोती हुई अपने घर पहुंची।

जब मासूम की मां, जेठानी राजदा बेगम और दादी अख्तरी ने बच्ची को इस बदहवास हालत में देखा तो वे घबरा गईं। परिजनों के प्यार से पूछने पर मासूम ने अपनी तोतली जुबान में अपने साथ हुई पूरी घटना बयां कर दी। इसके बाद जब आक्रोशित परिजन शिकायत लेकर आरोपी ताजमीर के घर पहुंचे, तो उसने अपनी गलती मानने के बजाय परिजनों के साथ अभद्रता की और उन्हें घर से बाहर निकल जाने को कहा।

परिजनों ने तत्काल कोतवाली कालपी का रुख किया और पुलिस को पूरी घटना की लिखित तहरीर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कालपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी ताजमीर के विरुद्ध मु.अ.सं. 303/21 के तहत धारा 376 क, ख/511 भारतीय दंड विधान (भादवि) और 18/6 पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया। पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की विवेचना मात्र पांच महीने के भीतर ही पूर्ण कर ली गई और 30 अप्रैल 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया गया।

इस मामले की सुनवाई उरई स्थित विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में चली। ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत मॉनिटरिंग सेल जालौन और कालपी पुलिस ने पूरे मामले की न्यायालय में सशक्त और प्रभावी पैरवी की। मंगलवार को अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, राजीव सिंह ने आरोपी ताजमीर खां को दोषी ठहराया।

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