उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद गुरुवार को जालौन जिले की कालपी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान अपनी ही पार्टी के प्रदेश सचिव भरत लाल पर मंच से भड़क गए। मंच पर माल्यार्पण और व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंत्री और प्रदेश सचिव के बीच बहस होती दिखाई दे रही है, जबकि मंच पर मौजूद नेता और कार्यकर्ता दोनों को शांत कराने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं।
गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे डॉ. संजय निषाद कालपी विधानसभा क्षेत्र स्थित श्याम पैलेस में आयोजित बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे थे। स्वागत कार्यक्रम के दौरान करीब 1:45 बजे मंच पर माल्यार्पण किया जा रहा था। इसी दौरान प्रदेश सचिव भरत लाल ने मंच पर मौजूद महिलाओं को हटाने की बात कही, जिस पर डॉ. संजय निषाद नाराज हो गए। उन्होंने मंच से ही भरत लाल को फटकार लगाते हुए कहा, “दिमाग सही कर लो… दिमाग सही कर दूंगा। काम तो तुम्हारा बाप भी करेगा।” मंत्री के इस बयान से कुछ देर के लिए कार्यक्रम का माहौल गर्मा गया।
बताया गया कि भरत लाल ने मंच से ही अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि वह लंबे समय से पार्टी के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी मेहनत के अनुरूप उन्हें संगठन या चुनाव में कोई अवसर नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के समर्पित और पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जबकि बाहर से आने वाले लोगों को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा जाता है। इसी बात पर मंत्री और प्रदेश सचिव के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
डॉ. संजय निषाद ने जवाब देते हुए कहा कि संगठन में काम करना प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व है और पार्टी हित सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि कुछ विधानसभा सीटें ऐसी थीं, जहां पार्टी की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन कुछ “गद्दारों” की वजह से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोगों की सूची उनके पास है और उनके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. संजय निषाद ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निषाद समाज के अधिकारों की लंबे समय तक अनदेखी की गई, लेकिन अब समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी ताकत के साथ जुटने और संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने की अपील की।
वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान अयोध्या के राम मंदिर चंदा मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. संजय निषाद ने कहा कि सरकार पूरे मामले पर गंभीरता से नजर रखे हुए है। जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से अपना कार्य कर रही हैं। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी और उसे जेल भी भेजा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान हुई इस सार्वजनिक नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे निषाद पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और टिकट वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं की नाराजगी के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, बाद में मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया, जिसके बाद सम्मेलन का कार्यक्रम आगे बढ़ा।






